भाकियू आज गन्ने की होली जला कर जताएगी विरोध
मुजफ्फरनगर।
मुख्यमंत्री योगी सरकार की गन्ना मूल्य की घोषणा को नाकाफी बताते हुए भाकियू ने विरोध प्रदर्शन का एलान कर दिया है। पेराई सत्र 2017-18 के लिए गन्ने के सामान्य और अगैती प्रजाति के मूल्य क्रमश: 315 एवं 325 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किए जाने पर विपक्षी पार्टियों ने भी सरकार के फैसले को किसानों के साथ धोखा बताया है। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि गन्ना मूल्य में मात्र 10 रुपये की बढोत्तरी प्रदेश के किसानों के साथ भद्दा मजाक है।
प्रदेश सरकार की गन्ना मूल्य में दस रुपये की बढ़ोतरी से किसानों में उबाल आ गया है। मंत्री परिषद के फैसले की घोषणा सूबे के गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग राज्यमंत्री सुरेश राणा ने बृहस्पतिवार को की थी। गन्ने की अगेती प्रजातियों के लिए पिछले साल की तुलना में 10 रुपये की वृद्धि कर भाव 325 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया, जबकि सामान्य प्रजाति का गन्ना मूल्य 315 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है। अनुपयुक्त प्रजाति का गन्ना मूल्य 310 रुपये क्विंटल रहेगा। भाव की घोषणा से नाराज भाकियू ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र भेज कर गन्ना मूल्य की बढ़ोतरी को किसानों के साथ भद्दा मजाक बताया है। प्रदेश सरकार के निर्णय के विरोध में शनिवार को भाकियू ने जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन का एलान किया है। गन्ने के भाव को लेकर किसान राजनीति में विरोध का माहौल बन गया है। पीएम को भेजे पत्र में भाकियू ने गन्ने का मूल्य 450 रुपये प्रति क्विंटल की मांग की गई है। साथ ही बताया कि इसके विरोध में भाकियू शनिवार को गन्ने की होली जला कर विरोध प्रकट करेगी।
भाकियू के जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने कहा कि दस रुपये की बढ़ोतरी गन्ना किसानों के साथ धोखा है। विपक्ष में रहते हुए भाजपा ही 400 रुपये प्रति क्विंटल की मांग करती थी, अब खुद सरकार में है तो मात्र दस रुपये बढ़ाए हैं। कहा कि योगी सरकार भी मिल मालिकों के सामने नतमस्तक हो गई है। जिसका हिसाब किसान 2019 के चुनाव में करेंगे।