मुजफ्फरनगर। देश में महिलाओं को शिक्षा की शुरुआत करने वाली सावित्री बाई फूले की जयंती को महिला शिक्षक दिवस के रूप में घोषित किया जाना चाहिए। महाराष्ट्र से प्रारंभ हुई इस मांग को लेकर ऑल इंडिया सैनी सेवा समाज पूरे देश में आंदोलन चलाएगा।
श्रीराम कॉलेज में संगठन के दो दिवसीय कार्यक्रम में भाग लेने आए ऑल इंडिया सैनी सेवा समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिलबाग सैनी ने पत्रकार वार्ता में कहा कि सैनी समाज लंबे समय से सावित्री बाई फूले के जन्मदिन तीन जनवरी महिला शिक्षक दिवस के रूप में घोषित करने की मांग कर रहा है। महाराष्ट्र से इसे लेकर आंदोलन प्रारंभ हुआ है। इस आंदोलन को सैनी समाज पूरे देश में चलाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उम्मीद है कि वह इस मांग को पूरा करेंगे। राष्ट्रीय महामंत्री सुमन कुमार सैनी ने कहा कि संगठन राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानकर चलता है। हमारे समाज में पैदा हुए महात्मा बुद्ध, सम्राट अशोक, ज्योतिबा फूले ने सर्वस्व राष्ट्र और समाज को समर्पित किया। राष्ट्र के विकास में समाज की भूमिका क्या होनी चाहिए। संगठन इस पर भी काम कर रहा है। प्रदेश अध्यक्ष ओमपाल सैनी ने कहा कि देश में जम्मू से लेकर तमिलनाडु तक 14 प्रतिशत की आबादी वाले इस समाज से मात्र दस सांसद और 125 विधायक पूरे देश में हैं। संगठन राजनीतिक चेतना लाने का काम भी कर रहा है। राष्ट्रीय महासचिव महाराष्ट्र की वमिता, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेश सैनी, राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष शत्रुघ्न सैनी, प्रदेश महामंत्री नरेंद्र सैनी, जिलाध्यक्ष नाहर सिंह, जिला महामंत्री अजय सैनी, धर्मेंद्र सैनी रहे।
सामाजिक उत्थान के लिए जागरूकता जरूरी
(फोटो समाचार)
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। ऑल इंडिया सैनी सेवा समाज देश के प्रत्येक राज्य में दो दिवसीय प्रवास कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। इसी कड़ीं में शनिवार को श्रीराम कॉलेज पहले दिन विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने समाज के शैक्षिक, सामाजिक और राजनीतिक उत्थान के लिए जागरूकता पर बल दिया। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश में जाति की बड़ी संख्या होने के बाद भी राजनीतिक प्रतिनिधित्व काफी कम है। शिक्षा के क्षेत्र में आईएएस और पीसीएस में प्रतिशत अन्य से कम है। शिक्षा को बढ़ाने और राजनीतिक सक्रियता लाने पर बल दिया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष दिलबाग सिंह, राष्ट्रीय महामंत्री वीरेंद्र सैनी, महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका सैनी, सपा जिलाध्यक्ष श्यामलाल सैनी, शिवकुमार सैनी, कंवरपाल सैनी, सुभाषचंद्र सैनी, कृष्ण कुमार सैनी, राधेलाल सैनी, संजीव कुमार आदि ने विचार रखे।