हिंदी से भी डरे, 1734 ने छोड़ी परीक्षा
मुजफ्फरनगर। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल के हिंदी के पेपर में 1734 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा छोड़ दी। मंगलवार को पहली पाली में कुल 1756 विद्यार्थी विभिन्न परीक्षाओं में गैरहाजिर रहे। उधर, अपर शिक्षा निदेशक प्रयागराज ने जिले में पहुंच कर खतौली और शहर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर जाकर बोर्ड परीक्षा संचालन का जायजा लिया।
यूपी बोर्ड की परीक्षाएं वैसे तो सात फरवरी से शुरू हो गई थी। परीक्षाएं कराने को जिले में 74 परीक्षा केंद्र बनाए गए है। अभी तक कृषि समेत अन्य वैकल्पिक विषयों की परीक्षा हुए। मंगलवार से मुख्य विषयों की परीक्षाएं प्रारंभ हुई। पहली पाली में हाई स्कूल की परीक्षा हुई। हिंदी में जिले में 31721 छात्र-छात्राएं पंजीकृृत थे, जिनमें से 30087 ने परीक्षा दी, जबकि 1734 परीक्षा गैरहाजिर रहे। हाईस्कूल की प्रारंभिक हिंदी में पंजीकृत 57 विद्यार्थियों से 55 ने परीक्षा दी, 2 ने परीक्षा छोड़ दी। प्रथम पाली में इंटर की बीमा सिद्धांत व्यवहार की परीक्षा में दो पंजीकृत छात्रों में से एक ने परीक्षा दी, दूसरे ने छोड़ दी। इंटर की सामान्य आधारित विषय में 550 में से 531 ने परीक्षा दी, जबकि 19 ने परीक्षा छोड़ दी। इस तरह मंगलवार को हुई परीक्षाओ में 1756 परीक्षार्थी गैरहाजिर रहे। उधर, अपर शिक्षा निदेशक प्रयागराज कीर्ति गौतम ने मेरठ के क्षेत्रीय सचिव शोभा रतूडी और डीआईओएस प्रवीण कुमार मिश्रा के साथ खतौली के कबूल कन्या इंटर कॉलेज, केके जैन इंटर कॉलेज, शहर में एसडी इंटर कॉलेज, डीएवी इंटर कॉलेज, जैन कन्या पाठशाला, वैदिक पुत्री पाठशाला आदि परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने बोर्ड परीक्षा संचालन को देखा। साथ ही परीक्षा केंद्रों पर मूलभूत सुविधाओं की भी जानकारी। उन्होंने केंद्रों के साथ कक्षों में लगाए गए वॉयर रिकॉर्डर सीसीटीवी कैमरो का भी निरीक्षण किया।
70 छात्रों ने छोडी परीक्षा
पुरकाजी। बोर्ड की परीक्षा में कस्बे व देहात के परीक्षा केंद्रों पर मंगलवार को 1424 पंजीकृत छात्रों में 1354 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 70 छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी।
1734 विद्यार्थी रिजल्ट आने से पहले ही हो गए फेल
मुजफ्फरनगर। मंगलवार को हाई स्कूल की हिंदी के पेपर में जिन 1734 विद्यार्थियों ने परीक्ष छोड़ी है, वो बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट आने से पहले ही फेल हो गए। बोर्ड के नियमों के अनुसार हाई स्कूल की हिंदी की परीक्षा में पास होना जरूरी है, यदि कोई हिंदी की परीक्षा में फेल होता है तो हाई स्कूल में फेल माना जाता है। सोमवार को जिन 1734 परीक्षार्थियों ने हिंदी की परीक्षा छोड़ी है, वो स्वत: ही हाई स्कूल का रिजल्ट आने से पहले ही फेल हो गए है। यदि अब वे अन्य सभी परीक्षाएं देकर उन परीक्षाओं में पास भी हो जाते है, तो भी हिंदी की परीक्षा छोड़ने के कारण वे हाई स्कूल में फेल ही होंगे।