मेले की तैयारियों के संबंध में समीक्षा की
मोरना। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर जिला पंचायत द्वारा आयोजित किए जाने वाले मेले की व्यवस्था को लेकर एक सभा का आयोजन हुआ। विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अधिकारियों को मेले की व्यवस्था को लेकर दिशा निर्देश दिए गए तथा सभा में अनुपस्थित रहने वाले विभागों के अधिकारियों के खिलाफ नोटिस भेजने की बात कही गई। शुकतीर्थ स्थित डाक बंगले में आयोजित सभा में जिला पंचायत अध्यक्षा आंचल तोमर ने मेले की तैयारियों के संबंध में अधिकारियों से बातचीत की। सीओ भोपा राममोहन शर्मा ने सुरक्षा व्यवस्थाओं से अवगत कराते हुए सीसीटीवी कैमरों के द्वारा सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने का आश्वासन दिया। इसके अलावा खड़ंजा, सीसी मार्ग, नाली, नाले आदि की मरम्मत की बात कही। वहीं लोक निर्माण विभाग द्वारा मुख्य मार्ग को गड्ढामुक्त बनाने, वन विभाग द्वारा मार्ग में अवरोध बने वृक्षों की छंटाई करना, विद्युत विभाग द्वारा मेले के दौरान शाम छह बजे से सुबह 6 बजे तक निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना, जल निगम द्वारा जलापूर्ति लीकेज, लाईन की मरम्मत, टोंटी लगाना, इसके अलावा टूटे यात्री शेड की मरम्मत, प्रकाश व्यवस्था, गंगा घाट की रंगाई, पुताई, प्रकाश व्यवस्था, स्वास्थ्य व्यवस्था, पशु चिकित्सा, सफाई व्यवस्था आदि व्यवस्थाओं को मेले के दौरान चुस्त दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए। मेला ग्राउंड का निरीक्षण करने पहुंची जिला पंचायत अध्यक्षा ने जलभराव को देखकर नाराजगी जताई तथा शीघ्र गंदे पानी की उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इसके अलावा मेला ग्राउंड पर खड़े गन्ने का निस्तारण करने को मोरना मिल द्वारा शीघ्र किसानों को पर्ची जारी करने तथा इस बार 150 बीघा भूमि में मेले की व्यवस्था करने सहित मेले को सेक्टरों में बांटने, महिलाओं के लिए अलग से शौचालयों की व्यवस्था करने, मेले के दौरान 21, 22, 23 नवंबर को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन करने सहित इस बार मेले को नया रंग रूप देने की बात कही गई। इस दौरान ईओ अनूप रॉय, जिला पंचायत सदस्य नजर सिंह गुर्जर, अमित राठी, ज्ञानेंद्र बबलू, हरेंद्र शर्मा, नितिन मलिक, अभियंता किशोर कुमार शर्मा, अवर अभियंता अरविंद कुमार, राकेश शर्मा, प्रेमशंकर मिश्रा, खंड विकास अधिकारी प्रभात कुमार श्रीवास्तव, पशु चिकित्साधिकारी डा. अखिलेश कुमार, बिजेंद्र सिंह, सुशील शर्मा प्रधान, उपनिरीक्षक चंद्रसैन सैनी, मनोहर शर्मा, आचार्य उप्रेति आदि उपस्थित रहे।