मुजफ्फरनगर। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दहेज हत्या में मां-बेटी समेत छह लोगों को कारावास और जुर्माना की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार खतौली कोतवाली पर मेरठ के गांव नंगलामल निवासी सुशील कुमार ने तीन अक्तूबर 2008 को दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसकी बहन निशा की शादी 20 जुलाई 2007 को मढ़करीमपुर निवासी देवेंद्र के बेटे सौरभ के साथ हुई थी। दहेज की मांग पूरी न होने पर निशा की पति सौरभ , ससुर देवेंद्र, जेठ गौरव, सास सुमन, ननद ज्योति तथा चचिया ससुर मेघसिंह ने मिट्टी तेल डालकर जिंदा जला कर हत्या कर दी। इसकी सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शबिस्ता आकिल की अदालत फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या- 4 में हुई। एडीजीसी अनोद बालियान ने कोर्ट में दस गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए सभी आरोपियों को दोषी करार देते हुए मृतका के पति सौरभ को धारा 304 बी के तहत दस वर्ष का कारावास, धारा 316 के तहत दस वर्ष का कारावास और दस हजार रुपये का जुर्माना, धारा 498 ए के तहत तीन वर्ष का कारावास और पांच हजार जुर्माना, धारा 3 दहेज एक्ट के तहत पांच वर्ष का कारावास व 15 हजार का जुर्माना, धारा 4 दहेज एक्ट के तहत छह माह का कारावास व दो हजार का जुर्माना की सजा सुनाई है। सह अभियुक्त सास सुमन, ससुर देवेंद्र, ननद ज्योति, जेठ गौरव और चचिया ससुर मेघसिंह को सात-सात वर्ष के कारावास और जुर्माना की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद सभी को जेल भेज दिया है।
मासूम भी मां के साथ जेल गई
मुजफ्फरनगर। घटना के समय ननद ज्योति कुवांरी थी । जिसकी अब शादी हो चुकी है और लगभग दो माह की एक बेटी भी उसकी गोद में है। वह दूध मुंही बच्ची भी मां के साथ जेल गयी है।