महिला समेत चार लोगों ने दी कैंसर को मात
भोपा। क्षेत्र में भी कैंसर की जानलेवा बीमारी को अपनी जीवटता के चलते महिला समेत चार लोग मात दे चुके हैं। हालांकि दो लोगों को इस कैंसर की बीमारी को मात देने के बावजूद अपनी आवाज काफी हद तक खोनी पड़ी है, लेकिन परिजनों के लिए यही संतोष की बात है कि वे घर-परिवार में मौजूद हैं और पूरी तरह से स्वस्थ भी हैं।
गांव यूसुफपुर निवासी ओमप्रकाश (60) पुत्र मांगेराम गांव की श्रीरामलीला में हनुमान का रोल अदा करते थे। करीब 13 साल पूर्व उनके मुंह में एक छाला उभर आया। कुछ दिन स्थानीय डॉक्टरों से दवा ली, लेकिन आराम नहीं हुआ। धीरे-धीरे उक्त छाला बड़ा होने लगा, जिससे ओमप्रकाश को खाने-पीने में समस्याएं आने लगी। आखिरकार एक डॉक्टर को दिखाया, जिसने जांच के बाद उसे गले में कैंसर की पुष्टि कर दी, जो दूसरी स्टेज पर था। इसके बाद एक बार तो ओमप्रकाश और परिजनों के होश उड़ गए, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और आखिरकार करीब दो वर्ष तक दिल्ली के एक हॉस्पिटल में चले लंबे उपचार के बाद उन्होंने कैंसर को मात दे दी। ऑपरेशन के बाद उनका कैंसर तो चला गया, लेकिन उनकी आवाज काफी हद तक चली गई।
भोपा के गांव सीकरी निवासी रिहाना बेगम (65) पत्नी इलियास को करीब 20 साल पूर्व कैंसर ने चपेट में लिया था। डॉक्टरों ने जांच के बाद उनके गले में कैंसर बताया। करीब तीन साल तक ऑल इंडिया मेडिकल नई दिल्ली में रिहाना का उपचार चला, जिसके बाद अब वह पूरी तरह स्वस्थ है और आम जीवन बिता रही है।
भोपा कस्बा निवासी युवा भाजपा नेता विजय राठी को वर्ष 2010 में बोलने के साथ ही खाने-पीने में समस्याएं आनी शुरू हुईं। शुरूआत में स्थानीय डॉक्टरों को दिखाया, लेकिन बीमारी पकड़ में नहीं आई। तब दिल्ली के हॉस्पिटल में जांच कराई, जहां उन्हें कैंसर होने की पुष्टि हुई, जो प्रथम स्टेज पर ही था। मार्च 2011 में उनका ऑपरेशन हुआ, जिसके बाद वे अब पूरी तरह स्वस्थ हैं। हालांकि कैंसर के प्रभाव से उनकी आवाज थोड़ी खराब हो गई। भोपा क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर निवासी सुभाष (47) पुत्र प्रकाश रोडवेज विभाग में संविदा चालक के रूप में तैनात हैं। सुभाष को भी वर्ष 2006 में गले में कैंसर होने की पुष्टि हुई। कैंसर की पुष्टि होते ही करीब एक वर्ष तक उनका उपचार हुआ, जिसके बाद वह अब पूरी तरह से स्वस्थ है।