बुढ़ाना। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी ओम गिरी ने अपनी जान माल का खतरा जताते हुए उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र भेजा है। इसमें बताया कि कुछ दिन पहले कस्बे के एक युवक ने मीट की दुुकान खोलने के लाइसेंस के लिए नगर पंचायत में आवेदन किया था। मानक पूरा न होने के कारण आवेदन पत्र निरस्त हो गया था। आरोप लगाया कि आवेदन करने वाला युवक ऐसे गिरोह का सदस्य है, जो निहित स्वार्थों की पूर्ति के लिए विभिन्न नामों से झूठे आवेदन और शिकायत करते रहते है। झूठी शिकायतों के कारण विभागीय श्रम व संसाधनों का अपव्यय होता है। दूसरी ओर सामान्य को दी जाने वाली सुविधाओं की प्रगति बाधित होती है। अधिशासी अधिकारी ने अपने पत्र के साथ विभिन्न नामों से आए झूठे शिकायती पत्रों को भी संलग्न किया गया है। बताया कि प्रतिमाह सैैकड़ों की संख्या में अनावश्यक व तथ्य रहित शिकायती पत्र उनके पास भेजे जा रहे है। उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। इस कारण उन्हें जान माल का खतरा बना हुआ है। उपजिलाधिकारी डॉं. नितिन गौड़ ने कोतवाली बुढ़ाना के प्रभारी निरीक्षक को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए है।