मौत खींच ले आई राहगीर शहजाद आलम को
मुजफ्फरनगर। सरवट में कबाड़ी की दुकान में फटे विस्फोटक में मारे गए राहगीर शहजाद आलम के परिवार पर दोहरी मार पड़ी है। गोदाम से बैंक व बिजली बिल जमा कराने जा रहे शहजाद की राह चलते आई मौत के बाद कोई उसका ढाई लाख की नकदी से भरा बैग भी ले उड़ा।
शहर के मोहल्ला खालापार निवासी शहजाद आलम रबर सप्लाई का काम करते थे। शहर के चक्कर वाली सड़क मदीना चौक के पास उनका गोदाम था। सोमवार सुबह करीब 8.30 बजे वे घर से निकलकर भतीजे सैफ के साथ बाइक से गोदाम पर पहुंचे थे। वहां से उन्होंने एक ईंट-भट्ठा मालिक से रबर सप्लाई का करीब ढाई लाख रुपये का भुगतान लिया। इसके बाद करीब 9.30 बजे वे लाल रंग की अपनी बाइक से उक्त ढाई लाख रुपये बैंक में जमा कराने के साथ ही टाउन हॉल में बिजली का बिल भी जमा कराने के लिए निकले थे, लेकिन किसी को क्या पता था कि वहां से कुछ ही दूरी पर मौत उनका इंतजार कर रही है। करीब दस मिनट बाद ही जब शहजाद आलम बाइक पर कब्रिस्तान के सामने से होकर गुजरे, उसी समय वहां कबाड़ी निसार की दुकान में विस्फोट हो गया, जिसका एक टुकड़ा फटने के बाद बेहद तेज गति से शहजाद आलम के सिर में जाकर लगा। विस्फोटक का टुकड़ा सिर में लगते ही शहजाद आलम वहीं बीच सड़क पर डिवाइडर पर जा गिरा और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। शहजाद की मौत के साथ ही उसके हाथ से काले रंग का बैग भी छूटकर सड़क पर गिर गया, जिसमें भुगतान के करीब ढाई लाख रुपये बताए जा रहे हैं। ब्लास्ट के बाद राहगीरों ने शहजाद को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेज दिया, लेकिन इसी दौरान उसका रुपयों से भरा बैग किसी ने साफ कर दिया। घटना के बाद जब शहजाद के परिजनों को उसकी मौत की जानकारी मिली तो उनमें कोहराम मच गया। बाद में जब शहजाद द्वारा ढाई लाख रुपये भी बैंक में जमा कराने के लिए ले जाए जाने की जानकारी मिली, तो गमगीन परिजनों ने घटनास्थल पर पहुंचकर रुपयों से भरे बैग के बारे में जानकारी लेने की कोशिशें कीं, लेकिन सफलता नहीं मिली।