एनसीआर में चलाने की नहीं मिलेगी अनुमति
मुजफ्फरनगर। वाहनों को सजा-धजा कर रखने के शौकीनों के लिए बुरी खबर है। यदि आपका वाहन 50 साल पुराना होने के साथ कंडीशन में चकाचक है, तो एंटिक श्रेणी में शामिल होगा। मगर, इसे चलाने का ख्वाब एनसीआर में अधूरा रहेगा। एंटिक वाहनों पर भी एनसीआर में लगाम कस दी गई है। इनके संचालन की एआरटीओ अनुमति नहीं देंगे। इसको लेकर जिले में एंटिक वाहनों की कुंडली खंगाली जा रही है।
एनजीटी ने नेशनल कैपिटल रेंज (एनसीआर) में 10 पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल चलित वाहनों के संचालन पर रोक लगा दी है। जनपद में बस, ट्रक, ट्रैक्टर के साथ कारें भी एनजीटी के इस नियम की जद में आई है। जबकि बड़ी संख्या में दुपहिया वाहन भी ऐेसे निकले हैं, जो 15 साल से अधिक पुराने हो चुके हैं, जिन्हें सड़कों पर फर्राटा भरा जा रहा है। अब ऐसे रोका जाएगा। दिलचस्प यह है कि संभागीय परिवहन विभाग ने 50 साल पुराने वाहन को एंटिक वाहन की श्रेणी में शामिल किया है। यदि पचास साल पुरान वाहन है तो कंडीशन में चकाचक है तो एंटिक वाहन माना जाएगा। उससे पहले वाहन की एआरटीओ जांच पड़ताल करेंगे। वाहन की फिटनेस, पंजीकरण, दुर्घटना में संलिप्ता आदि की जांच होगी। हालांकि उसे चलाने के लिए एनसीआर क्षेत्र में अनुमति नहीं होगी। इन वाहनों को एनसीआर से बाहर अन्य जिलों में चलाने के एनओसी मिल सकती है। एआरटीओ राजीव कुमार बंसल ने बताया कि 50 साल पुराने वाहन को एंटिक वाहन माना गया है। एनसीआर क्षेत्र होने के कारण उसके संचालन की अनुमति नहीं मिलेगी। री-पंजीकरण की भी कोई सुविधा नहीं दी जाएगी।