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लोक अदालत में हजारों वादों का निस्तारण

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मुजफ्फरनगर। जिला न्यायालय परिसर और तहसीलों में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत लगी। लोक अदालत में हजारों पुराने वादों का निस्तारण कराया गया। बैंकों, विद्युत विभाग सहित कई अन्य विभागों ने भी वादों का सहमति से निपटारा होने पर राजस्व प्राप्त किया।
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राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला न्यायिक विभाग परिसर में लोक अदालत का शुभारंभ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष जिला जज डॉ गोकुलेश ने किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के नोडल अधिकारी ओमवीर सिंह ने बताया कि लोक अदालत के लिए उपयुक्त वादों को चिह्नित करते हुए अधिकतम लंबित वादों का निस्तारण कराने के प्रयास पिछले कई महीनों से चल रहे थे। लोक अदालत में एनआई एक्ट की धारा 138 के अंतर्गत बैंक वसूली, श्रम मामले, बिजली बिल, जल कर, आपराधिक, मोटर दुर्घटना प्रतिकर, बीमा मामले, पारिवारिक मामले, विद्युत अधिनियम के अंतर्गत सुलह योग्य वाद, भूमि अधिग्रहण संबंधी वाद, सेवा, वेतन संबंधी वाद, सेवानिवृत्ति लाभ संबंधित प्रकरण, राजस्व राजस्व वाद आदि वादों को प्राथमिकता के आधार पर राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित किए जाने हेतु चिह्नित किया गया था, इनमें से हजारों वादों का निस्तारण आपसी सहमति से कराया गया है। इसमें जहां अदालतों में वादों का बोझ कम हुआ, वहीं विभागों को राजस्व की प्राप्ति भी हुई है।
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