हरिद्वार से शिवालयों की ओर बढ़ते कांवड़ियों के कदम
खतौली। कांवड़ यात्रा में कांवडियों की भीड़ बढ़ने से हाइवे और नगर में श्रद्धा की अविरल धारा बह रही है। अब आसपास जिले के भोलों की आमद प्रारंभ हो चुकी है। प्रशासन के मुताबिक रविवार तक राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली आदि के कांवड़िये नगर की सीमा को क्रॉस कर चुके हैं। सोमवार से मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, हापुड़, शामली और अन्य गांवों और कस्बों में जलाभिषेक करने वाले भोलों का आना प्रारंभ हो गया है। एसडीएम अतुल कुमार व सीओ डॉ. राजीव कुमार सिंह ने पुलिस बल के साथ हाइवे व गंगनहर कांवड़ पटरी मार्ग पर पहुंच कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
कांवड़ सेवा शिविर का उदघाटन
मीरापुर। आर्यसमाज मंदिर में क्षेत्र के युवाओं द्वारा आयोजित कावड़ सेवा शिविर का उद्घाटन थानाध्यक्ष मनोज चौधरी ने किया। शिविर के शुभारंभ पर हवन तथा पूजन भी कराया गया। शिविर में शिवभक्तों के लिए भोजन, स्नान, ठहरने व पूजा आदि की व्यवस्था की गई है। शिविर में देवपाल आर्य, धीरेंद्र कांबोज, सत्यकाम आर्य, धनप्रकाश आर्य, अंकुर कांबोज, संजय चौधरी, मयंक, गुड्डू, प्रशांत आदि सक्रिय रहे।
कांवड़िया की सेहत बिगड़ी
मीरापुर। कुतुबपुर गंगनहर पुल पर चल रहे कांवड़ सेवा शिविर में गोमुख से गंगाजल लेकर आ रहे एक बीमार कांवड़िये को शिविर आयोजकों ने चिकित्सा सहायता देकर बचाया। बुलंदशहर निवासी 65 वर्षीय शिव कुमार अपनी 42वीं कांवड़ लेकर गोमुख से बुलंदशहर की ओर जा रहा था। गंगनहर पुल के पास अचानक शिव कुमार बेहोश होकर गिर पड़ा। कांवड़िये को बेहोशी की हालत में देख शिविर आयोजकों ने उठाया तथा आवश्यक चिकित्सा व सेवा कर उसकी जान बचाई। रात में विश्राम के बाद कांवड़िये को आगे जाने दिया गया। शिविर में बड़ी संख्या में शिवभक्तों का आगमन जारी है।