यात्री के घायल होने पर ढाई लाख का प्रस्ताव
मुजफ्फरनगर। यदि सब ठीक-ठाक रहा तो परिवहन निगम की बसों में सफर करने के ढेरों लाभ मिलेंगे। एसी बसों के किराए में कटौती के अलावा दुर्घटना में यात्री के घायल होने पर ढाई लाख रुपये तक की सहायता राशि दी जाएगी। इसके अलावा लोड फैक्टर कम लाने वाले चालकों को पीसीआरएस के साथ मिलकर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह सब बिंदु लखनऊ में परिवहन की 217वीं मंडलीय बैठक में रखे गए हैं।
परिवहन निगम सुधार के लिए लगातार कार्य कर रहा है। डिपो पर बसों की समयबद्धता के अलावा इनकम पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही यात्रियों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने का मसौदे पर मंथन किया जा रहा है। बीते दिनों लखनऊ में हुई परिवहन निगम की 217वीं मंडलीय बैठक में कई प्रमुख बिंदुओं पर गहन मंत्रणा की गई है। अभी तक निगम की बसों में घायल होने वाले यात्रियों को चिकित्सकीय प्रतिपूर्ति के लिए बेहद कम सहायता मिलती थी। प्रस्ताव पारित हुआ तो ऐसा नहीं रहेगा। बैठक में इस पहलू पर खास चर्चा रही है। परिवहन निगम की बस में सवार यात्री के सड़क दुर्घटना में घायल होने पर ढाई लाख रुपये की सहायता का प्रस्ताव तैयार हुआ है। निगम ने मथुरा क्षेत्र को प्रमुख तीर्थस्थल माना है। यहां के लिए राधाष्टमी के साथ आम दिनों में बसों की संख्या बढ़ेगी। एनसीआर क्षेत्र में पुरानी बसों को नहीं भेजा जाएगा। लोड फैक्टर कम लाने चालकों को पेट्रोलियम संरक्षण अनुसंधान संघ, पीसीआरएस और परिवहन मिलकर विशेष ट्रेनिंग देगा। एसी बसों के किराए में कटौती का प्रस्ताव भी रखा गया है। जिस पर राज्य परिवहन मंत्रालय ने मंथन किया है। एआरएम बीपी अग्रवाल ने बताया कि लखनऊ में हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई है। जिस पर प्रदेश स्तर पर मंथन किया जा रहा है। परिवहन के उच्चाधिकारियों की अनुमति के बाद प्रस्ताव पारित होंगे। ऐसा होने पर यात्रियों को काफी लाभ मिलेगा।