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एडेड विद्यालयों में 1048 शिक्षकों के पद रिक्त

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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नियुक्ति की आस जगी
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मुजफ्फरनगर। सुप्रीम कोर्ट ने यूपी के एडेड माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में खाली पड़े शिक्षकों के पदों पर भर्ती में हो रही देरी पर नाराजगी जताई है। साथ ही इन विद्यालयों में पढ़ा रहे तदर्थ शिक्षकों को वरीयता देकर भर्ती करने को कहा है। जिले में भी 71 एडेड स्कूल, कॉलेजों में 43 प्रधानाचार्य और 1048 शिक्षकों के पद रिक्त चल रहे हैं। अब कोर्ट के आदेश के बाद इनमें शिक्षकों की नियुक्ति की आस लगी है।
जनपद में माध्यमिक शिक्षा परिषद बोर्ड के 71 एडेड स्कूल, कॉलेज हैं। इनमें 19 हाईस्कूल और 52 इंटर कॉलेज हैं। इन स्कूल, कॉलेजों में उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद सेवा चयन बोर्ड प्रयागराज से ही शिक्षकों और प्रधानाचार्यों की नियुक्ति होती है। वर्तमान में मैनेजमेंट के एडेड कालेजों में प्रधानाचार्यों के स्वीकृत पद 62 है, जिनमें केवल 26 में ही प्रधानाचार्य नियुक्त है। बाकी 36 विद्यालयों में पद रिक्त है। प्रवक्ता के पद 458 स्वीकृत हैं, जिनमें 393 कार्यरत हैं और 65 की नियुक्ति होनी है। सहायक अध्यापक के 1128 पद के सापेक्ष 503 टीचर नियुक्त हैं, जबकि 625 पद रिक्त हैं। राजकीय स्कूल, कॉलेजों में 17 प्रिंसिपल के पद स्वीकृत हैं, मगर एक भी विद्यालय में प्रिंसिपल नहीं है, सभी में कार्यवाहक प्रधानाचार्य कार्यरत है। प्रधानाध्यापक के 20 पदों के सापेक्ष 11 कार्यरत है और नौ पद रिक्त चल रहे हैं। प्रवक्ता के 163 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 11 ही नियुक्त है और 152 पद रिक्त हैं। सहायक अध्यापक के 267 पद हैं, जिनमें 70 कार्यरत है और 197 शिक्षकों की नियुक्ति होनी है। इस तरह जिले में एडेड विद्यालयों में 43 प्रिंसिपल और 1048 शिक्षकों के पद रिक्त चल रहे है।
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जिले में तदर्थ शिक्षक नहीं
मुजफ्फरनगर। सुप्रीम कोर्ट ने तदर्थ शिक्षकों को वरीयता देकर भर्ती करने को कहा है। यह तदर्थ शिक्षकों के लिए खुशी की बात है। शिक्षकों की कमी होने पर कॉलेज प्रबंध समिति मैनेजमेंट कोटे से तदर्थ शिक्षक रखने थे। वर्तमान में जिले के एडेड विद्यालयों में कोई भी तदर्थ शिक्षक नियुक्त नहीं है।
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