पालिका में सिटी मजिस्ट्रेट ने कब्जे में लिया रिकार्ड
मुजफ्फरनगर। नगर पालिका में कथित अनियमितताओं के मामले में सिटी मजिस्ट्रेट ने जांच शुरू कर दी है। सोमवार को उन्होंने नगर पालिका पहुंचकर रिकार्ड कब्जे में लिया। सभासद राजीव शर्मा ने छह बिंदुओं पर डीएम से शिकायत की थी।
23 फरवरी को डीएम अजय शंकर पांडेय से की गई शिकायत में सभासद राजीव शर्मा ने कहा था कि नगर में लाइटें लगाने में घोटाला किया गया है। दस हजार लाइटों का भुगतान ले लिया गया, जबकि नगर में लगाई नहीं गईं। एसटीपी के तालाबों में मछली पालन के टेंडर से भी नौ लाख रुपये की राजस्व हानि का भी आरोप लगाया गया। शिकायत में बाबुओं के ट्रांसफर करने, शिकायत के बावजूद नगर पालिका की जमीन को कब्जा मुक्त नहीं कराने, टेंडर चहेते ठेकेदारों को देने आदि की शिकायत की गई थी। सोमवार को सिटी मजिस्ट्रेट आलोक कुमार ने नगर पालिका पहुंचकर शिकायतों से संबंधित रिकार्ड कब्जे में लिया। उन्होंने बताया कि शिकायत की जांच की जा रही है। रिकार्ड लिया गया है। शिकायत के बिंदुओं पर जांच की जाएगी।
ओडीएफ की जांच को पहुंचे प्रतिनिधि
मुजफ्फरनगर। सोमवार को क्वालिटी कंट्रोल इंस्पेक्शन के लिए पहुंचे प्रतिनिधि सतीश पटेल ने नगर में खुले में ओ़डीएफ की स्थिति का निरीक्षण किया। सुबह वह सबसे पहले नगर पालिका कार्यालय पहुंचे। इसके बाद इस्लामिया इंटर कॉलेज आर्य समाज रोड तथा एसएस स्कूल जनकपुरी में पहुंचकर शौचालयों की स्थिति देखी। दाल मंडी और नई मंडी में भी घूम ओडीएफ का जायजा लिया। मोहल्ला रामपुरी, रैदासपुरी, आर्य पुरी और वार्ड तीन में व्यक्तिगत शौचालयों को भी देखा। भोपा रोड शिवपुरी स्थित सामुदायिक शौचालय की स्थिति का भी निरीक्षण किया। इससे पूर्व हुए निरीक्षण में नगर पालिका मुजफ्फरनगर को ओडीएफ का दर्जा नहीं मिल पाया था। रेलवे स्टेशन के पास गंदगी मिलने के कारण यह निरीक्षण फेल हो गया था। अब फिर से नगर पालिका ने ओडीएफ निरीक्षण के लिए आवेदन किया था। इसी आवेदन के आधार पर क्यूसीआई के प्रतिनिधि ने यहां पहुंचकर जांच की। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. आरएस राठी व सफाई निरीक्षक उनके साथ रहे।