मुजफ्फरनगर। शहर में ईदगाह के सामने पिछले करीब तीन दशक से भरने वाली सब्जी मंडी को हटाए जाने के विरोध में आढ़तियों ने डीएम दफ्तर पर प्रदर्शन किया। इस मंडी को पहली बार अतिक्रमण हटाओ अभियान में हटाया गया। शहर में सरकारी कूकड़ा मंडी होने के बाद भी यह अवैध मंडी चल रही थी।
शामली रोड पर ईदगाह के सामने करीब 25-30 साल से सब्जी मंडी भरती आ रही है। इसको लेकर कई बार विवाद हुआ और सब्जी मंडी को अतिक्रमण बताते हुए लोगों ने पिछली अखिलेश यादव सरकार में प्रशासन से लेकर शासन स्तर तक शिकायत की थी। मुख्यमंत्री ने भी इसके लिए आदेश जारी किए, लेकिन नगरपालिका परिषद कागजी कार्रवाई तक ही सीमित रही। इसे हटवाने के लिए खुद सपा नेताओं ने शिकायत अपनी सरकार के कार्यकाल में शासन में की थी। जब केंद्र में भाजपा की सरकार बनी तो अब कुछ लोगों ने सांसद और मंत्री बने डॉ संजीव बालियान से शिकायत की। उनके द्वारा कई बार शासन को पत्र लिखा गया, उनके पत्र पर डीएम को कार्रवाई के लिए भी कहा गया, मगर ये सब्जी मंडी निरंतर भरती रही। अतिक्रमण हटाओ अभियान में 24 अप्रैल को सिटी मजिस्ट्रेट वैभव मिश्रा ने इस अवैध मंडी को बंद करा दिया।
शुक्रवार को सिटी मजिस्ट्रेट वैभव मिश्रा के इस आदेश के खिलाफ आढ़तियों और अन्य लोगों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। डीएम राजीव शर्मा को प्रार्थना पत्र सौंपा। कहा कि करीब 30 साल से ईदगाह के सामने सब्जी मंडी लगती है। सब्जी मंडी के बंद होने से उनके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उनको रोड का हिस्सा छोड़कर अंदर खाली स्थान पर सब्जी मंडी भरवाने की अनुमति दी जाए। इससे हमारे बच्चों का पालन पोषण होता रहेगा। मौके पर हाशिम, सरफराज, आबिद, राधेश्याम, दीपक सैनी, जीशान अहमद, जितेंद्र कुमार, नदीम, साहिल, रईस आजम, अबरार, इरफान, बबलू आदि आढ़ती और दुकानदार शामिल रहे।