मैराथन में दौड़े शहर के लोग
मुजफ्फरनगर। जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल ने हाईवे पर गोकुल सिटी पर मैराथन दौड़ का आयोजन किया। दौड़ को सीडीओ अंकित अग्रवाल ने झंडी दिखाई। दौड़ से पहले दिल्ली के सुखमंच थिएटर के कलाकारों ने नुक्कड नाटक दस्तक की प्रस्तुति दी। मैराथन के कारण हाईवे को पांच घंटे एक साइड से बंद रखा गया।
दौड़ के लिए विभिन्न स्कूली बच्चों को साढे़ पांच बजे गोकुल सिटी पर बुलाया गया। सात बजकर 40 मिनट पर दौड़ का शुभारंभ सीडीओ अंकित अग्रवाल ने किया। दौड़ को चार भागों को बांटा गया था। इसमें तीन किमी, पांच किमी, दस किमी और बीस किमी की दौड़ रखी गई। मैराथन का स्लोगन था परिवर्तन सोच में। जीडी गोयनका की ओर से रजिस्ट्रेशन करने के बाद दी गई टी शर्ट में धावकों ने भाग लिया। दौड़ में स्कूलों बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने भाग लिया। मैराथन के दौरान पुलिस की व्यवस्था रही। मैराथन के बाद खिलाड़ियों को प्रधानाचार्य हरजिंदर कौर और प्रबंध समिति के लोगों ने प्रशस्ति पत्र वितरित किए। इससे पहले दिल्ली के सुखमंच थिएटर के कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक दस्तक के माध्यम से समाज में महिलाओं के साथ होने वाली घटनाओं को रखा। झकझोर देने वाली प्रस्तुति कर मौजूद लोगों से शपथ दिलाई कि वह अपने घर, परिवार और आस-पास में लड़कियों से भेदभाव नहीं होने देंगे। बेटो के समान ही बेटियों को भी आगे बढ़ाएंगे।
अव्यवस्थाओं की मैराथन
मुजफ्फरनगर। जीडी गोयनका स्कूल ने मैराथन का तो आयोजन किया, लेकिन दौड़ में भाग लेने वाले लोगों को लगातार अव्यवस्थाओं का सामना करना पडा। रजिस्टर नंबर और शर्ट देने को लेकर ऐसी अफरा-तफरी रही कि भीड़ में छोटे बच्चे नीचे गिर गए। साढे़ पांच बजे का समय देकर सात बजे तक रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था सुचारु नहीं हो पाई। दौड़ शुरू कर दी गई, तीन किमी दौड़ वाले बच्चों के लिए डेढ़ किमी का बोर्ड तब लगाया जब वह दौड़कर आगे चले गए। भाग लेने वाले स्कूली बच्चों को चार घंटे कार्यक्रम में इंगेज करके रखा, लेकिन उनके लिए फलाहार तक की व्यवस्था नहीं की गई। बल्कि स्कूल ने अपना स्टाल लगाकर दुकानदारी शुरू कर दी। साठ रुपये में नाश्ता दिया गया। देश के विभिन्न शहरों में मैराथन जीतने का गौरव प्राप्त करने वाली जिले की खिलाड़ी अर्पिता सैनी ने यहां भी मैराथन जीती। अर्पिता और उसके कोच संजीव शर्मा का कहना था कि इतनी खराब व्यवस्था उन्हें किसी मैराथन में नहीं मिली।