रेलवेकर्मियों को बंधक बनाकर धरने पर बैठाया
खतौली (मुजफ्फरनगर)।
भाकियू कार्यकर्ताओं ने उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन हादसे के बाद सड़क पर टूटे पड़े खंभे को हटाने की मांग को लेकर तहसील में रेलवे कर्मचारियों को बंधक बनाकर धरने पर बैठा लिया। कर्मचारियों ने कार्यकर्ताओं पर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए हंगामा करते हुए रेलवे ट्रैक का काम बंद कर दिया। जीआरपी इंस्पेक्टर और एसओ ने धरने पर पहुंच कर खंभा हटवाने का आश्वासन देकर कर्मचारियों को बंधनमुक्त कराया। भाकियू ने ज्वलंत समस्याओं का 12 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन तहसीलदार न्यायिक को सौंपा।
तहसील में बुधवार की सुबह 11 बजे से ज्वलंत समस्याओं को लेकर नागरिकों ने भाकियू के बैनरतले धरना शुरू किया। भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत कार्यकर्ताओं के साथ गांव भैंसी से अपनी कार द्वारा धरने पर जा रहे थे। जिलाध्यक्ष की कार खंभे से टकरा गई। गुस्साए कार्यकर्ता रेलवे ट्रैक पर काम करने वाले वेल्डर शोभाकांत झा और लोहार शाजिद खान को पकड़ कर धरने पर ले गए। कार्यकर्ताओं ने टूटे खंभा हटाने की मांग को लेकर रेलवे कर्मचारियों को बंधक बनाकर धरने पर बैठा लिया। इस पर अन्य रेलवे कर्मचारियों ने विरोध में ट्रैक का काम बंद कर दिया। सूचना पर आरपीएफ इंस्पेक्टर सोनी शर्मा व जीआरपी एसओ कृष्ण अवतार धरने पर पहुंचे। इन अधिकारियों ने खंभा हटवाने का आश्वासन दिया, तब कहीं जाकर कर्मचारियों को बंधकमुक्त किया। इसके बाद ही कर्मचारियों ने ट्रैक का काम प्रारंभ किया और खंभे को हटाया। कार्यकर्ताओं ने ज्वलंत समस्याओं के संबंध में ज्ञापन तहसीलदार न्यायिक नीरज शर्मा को सौंपा। ज्ञापन सौंपने वालों में जिलाध्यक्ष राजू अहलावत, मनोज सहरावत, याकूब, योगेंद्र, जितेंद्र, अनिल, डॉ. मोहम्मद अथर, संजय कुमार, कपिल सोम आदि शामिल रहे।
रेलवे ट्रैक का घंटों काम रहा बाधित
उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन हादसे के बाद दूसरी बार बनाए गए नए रेलवे ट्रैक पर अभी तक काम जारी है। कर्मचारियों का आरोप था कि भाकियू कार्यकर्ताओं ने ट्रैक पर काम करने वाले वेल्डर शोभाकांत झा के साथ मारपीट की। जबकि खंभा हटवाने का काम रेलवे का दूसरा विभाग करता है।