रेप के प्रयास में पुत्र दोषी, पिता फरार
मुजफ्फरनगर। फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या दो ने किशोरी को अगवा कर बंधक बनाकर रेप करने के प्रयास के मामले में अभियुक्त को दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया गया है। अदालत ने अभियुक्त के पिता के कोर्ट में पेश नहीं होने पर उसके गैर जमानती वारंट जारी किया है।
थाना चरथावल पर क्षेत्र के गांव निवासी किशोरी के पिता ने 12 अगस्त 2012 को यह मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसकी नाबालिग बेटी को पड़ोसी शेर खान पुत्र इंतजार व उसके परिजनों ने अगवा कर बंधक बना कर रेप का प्रयास किया। पुलिस ने तलाश की तो किशोरी इंतजार के घर में बोरी में बंद मिली, जिसके मुंह पर टेप चिपका था। इस मुकदमे में शेर खान और उसके पिता इंतजार आदि को नामजद किया गया था। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूनम राजपूत की अदालत फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या (दो) में हुई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रीतू चौधरी ने सात गवाह पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त शेरखान को दोषी करार देते हुए जेल भेजा है। दूसरे अभियुक्त इंतजार के गैर हाजिर होने के कारण उसका गैर जमानती वारंट जारी किया है। सजा के लिए 3 अगस्त को सुनवाई की जाएगी।
छह हमलावरों को सात वर्ष की कैद
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। अदालत ने जानलेवा हमला करने वाले छह लोगों को सात वर्ष का कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना चरथावल क्षेत्र के गांव न्यामू निवासी महावीर सिंह ने 11 अप्रैल 2011 को हत्या के प्रयास का नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसके छोटे भाई संजय की वर्ष 2008 में अभियुक्त रजनीश के परिजनों ने हत्या कर दी थी, जिसका मुकदमा अदालत में विचाराधीन है। जिसमें गवाही न देने का दबाव बनाया जा रहा था। घटना के दिन 11 अप्रैल 2011 को कंवरपाल व हुसनपाल घर से घेर में जा रहे थे। अभियुक्त रफल सिंह , राजबल , रामधन , सलेकचंद, रजनीश, काला उर्फ मंगू ने रास्ते में इन लोगों को घेर कर अपने घर में खींच कर चाकू से हमला कर दिया, जिसमें कंवरपाल गंभीर रूप से घायल हो गया। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृप्ता चौधरी की अदालत संख्या (11) में हुई । सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शलभ गुप्ता ने कोर्ट में छह गवाह पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलील व सबूतों के साथ गवाहों के बयानात पर गौर करते हुए अभियुक्त रफल सिंह, राजबल, रामधन, सलेकचंद, रजनीश, काला उर्फ मंगू को दोषी करार देते हुए धारा 148 के तहत दो वर्ष का कठोर कारावास , धारा 307 के तहत सात वर्ष का कारावास व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना, धारा 506 के तहत तीन वर्ष का कारावास व दो-दो हजार रुपये का जुर्माने की सजा सुनाई है।