मुजफ्फरनगर। किशोरी को घर से जबरन प्रयागराज ले जाकर दुष्कर्म करने के दोषी को अदालत ने 10 साल कारावास की सजा सुनाई है। विशेष अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट संख्या-1 की पीठासीन अधिकारी रीमा मल्होत्रा ने फैसला सुनाया।
विशेष लोक अभियोजक प्रदीप बालियान और विक्रांत राठी ने बताया कि शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ले से 13 मार्च 2016 को पड़ोस का युवक मोनू अपनी मां के साथ मिलकर पीड़िता को बहला-फुसलाकर प्रयागराज ले गया। पीड़िता के साथ जबरन शादी की कोशिश की। भाई की हत्या की धमकी देकर आरोपी ने बार-बार पीड़िता से दुष्कर्म किया। पीड़िता किसी तरह घर पहुंची और प्रकरण की जानकारी दी। शहर कोतवाली में आरोपी मोनू के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ और पुलिस ने आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। प्रकरण की सुनवाई विशेष अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट संख्या-1 में हुई। पीठासीन अधिकारी रीमा मल्होत्रा ने मोनू को 10 साल के कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। धारा 366 में पांच साल की सजा सुनाई गई।