सांसद जयाप्रदा ने कहा कि नेता जी (मुलायम सिंह यादव) और रामगोपाल यादव सिर्फ सियासी फायदे की बात सोचते हैं। सियासी फायदे के लिए यह किसी के साथ भी समझौता कर सकते हैं और किसी को दरकिनार कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि आजम खां सपा के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। उनको लेकर अब रामगोपाल तल्ख टिप्पणी कर रहे हैं। यह सही नहीं है। इस घड़ी में वो आजम खां के साथ हैं, आजम खां को वह अपना बड़ा भाई मानती हैं।
दो दिवसीय दौरे पर उत्तर प्रदेश के रामपुर पहुंचीं जयाप्रदा बृहस्पतिवार को पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं। उन्होंने कहा कि आजम खां मुझे पहली बार रामपुर लेकर आए थे। मैं उनका एहसान कभी नहीं भूल सकती हूं। मैं जया बच्चन नहीं हूं, जिन्होंने अमर सिंह के एहसानों को भुलाकर उनसे किनारा कर लिया।
उन्होंने कहा कि आजम खां ने पार्टी के लिए क्या नहीं किया। एक तरह से वो सपा के मालिक हैं। उनको लेकर रामगोपाल यादव व अन्य नेता जो टिप्पणी कर रहे हैं वह अशोभनीय है। मैं आजम खां की पीड़ा को समझ सकती हूं। मुझे भी जब पार्टी से निलंबित किया गया था तो बहुत दुख हुआ था।
जयाप्रदा ने कहा कि मुजफ्फरनगर में जो कुछ भी हुआ, वह सरकार की विफलता है। प्रदेश के हर नागरिक की जानमाल की सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है। मुजफ्फरनगर की घटना के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जिम्मेदार हैं।
जयाप्रदा ने अपनी पीड़ा को शायराना अंदाज में कुछ इस तरह से बयां किया - जला जलाकर जो दियों को बुझाते हैं, उन्हें चिरागों से नहीं, चिरागों की रौशनी से नफरत है।