जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. शैफाली सिंह ने मुख्यमंत्री को सौंपे मांगपत्र में कहा है कि बिलारी और कुंदरकी क्षेत्र में राजकीय बालिका महाविद्यालय नहीं है। वर्तमान में जो महाविद्यालय संचालित हैं, वह अल्पसंख्यक एवं सेल्फ फाइनेंस श्रेणी के हैं, जिनकी फीस अधिक है। इसके चलते स्नातक की पढ़ाई सामान्य परिवार की बेटियों की पहुंच से दूर है। मौजूदा महाविद्यालय में हिंदू परिवार की बालिाएं प्रवेश लेने से भयभीत होती हैं। ऐसी स्थिति में माता-पिता इंटरमीडिएट के बाद बेटियां की शादी कर देते हैं। उन्होंने बताया कि सीएम ने मुरादाबाद और संभल लोकसभा सीट के चुनाव परिणाम के बारे में भी जानकारी ली। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष के साथ उनके पति डॉ. ब्रजेश चौहान भी मौजूद रहे।