पुलिस की यातनाओं ने थाना मंडी धनौरा की हिरासत में बंद 30 साल के बालकृष्ण उर्फ बाली की जान ले ली। युवक की मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने पहले मृतक के गांव बसी मुस्तकम के पास की शेरपुर पुलिस चौकी पर धावा बोला तो पुलिकर्मी चौकी को ताला लगाकर भाग गए। बाद में आक्रोशित भीड़ मंडी धनौरा थाने पर पहुंची और थाने के पास ही महादेव चुंगी पर जाम लगा दिया। लोगों में आक्रोश इतना ज्यादा था कि हालात पर काबू पाने के लिए पड़ौसी जिलों से बड़ी संख्या में पुलिस बल बुलाया गया। लोग तभी हटे, जब प्रभारी निरीक्षक समेत छह पुलिस कर्मियों पर हत्या का मामला दर्ज करने और पुलिस अधीक्षक द्वारा एक इंस्पेक्टर और दो दरोगा सहि थाने के 11 पुलिस कर्मियों को निलंबित करने की घोषणा की गई। एसडीएम और सीओ को एक शिक्षक के घर में छिपकर जान बचानी पड़ी। भीड़ ने इनके वाहनों पर अपना गुस्सा उतारा।
बाली के घरवालों ने बताया कि बाली ने एक साल पहले हापुड़ के किसी दलाल से वैन खरीदी थी। रविवार की रात उपनिरीक्षक मनोज उपाध्याय पुलिसकर्मियों के साथ बाली को यह कहकर अपने साथ ले गए थे कि उक्त वैन चोरी की है। आरोप है कि पुलिस बाली को छोड़ने के एवज में पांच लाख रुपये मांग रही थी। बुधवार की सुबह उसकी मौत होने की खबर मिली। पुलिस ने आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल भेज दिया। आरोप है कि तीन दिन तक बाली को पुलिस हिरासत में बुरी तरह प्रताड़ित किया गया। पुलिस की यातनाओं को बर्दाश्त न कर पाने के कारण ही उसकी मौत हुई। अपर पुलिस अधीक्षक ब्रजेश सिंह का कहना है कि बानी को पूछताछ के लिए लाया गया था, तबियत बिगड़ने पर अस्पताल भेजा गया, जहां मौत हो गई।
मृतक के साले जयप्रकाश द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर प्रभारी निरीक्षक अरविंद मोहन शर्मा, उपनिरीक्षक मनोज उपाध्याय, हेड मोहर्रिर रविंद्र राणा, कांस्टेबिल विनीत चौधरी, विवेक काकरान व जितेंद्र सिंह के खिलाफ हत्या, अवैध रूप से बंधक बनाने सहित अन्य कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई।
एडीजी ने तलब की रिपोर्ट
अमरोहा जिले के मंडी धनौरा थाने में पुलिस हिरासत में युवक की मौत पर एडीजी जोन प्रेम प्रकाश ने स्थानीय अफसरों से रिपोर्ट तलब की है। एडीजी ने कहा कि घटना सच है। मामले में कार्रवाई की जा रही है। आईजी रेंज से रिपोर्ट मिलने के बाद इसे आगे के कदम उठाए जाएंगे।