प्रदेश में 31 मिलों पर दर्ज हैं मुकदमे, पर आज तक नहीं पकड़े गए मिलवाले
प्रदेश में 31 चीनी मिलों के खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं। मिल मालिकों के साथ ही मैनेजमेंट के दूसरे अधिकारी भी नामजद हैं। लेकिन एक दो मामलों को छोड़कर किसी भी मिल मालिक के बंगले पर पुलिस की दबिश नहीं पहुंची है। मिलों पर भी छापे नहीं पड़े। जबकि इन सभी पर घटतौली करने।
नगद में गन्ना खरीद करने और किसानों के बकाये का पेमेंट न करने की धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। प्रदेश में 116 चीनी मिलों ने गन्ना खरीदा है। इनमें 94 चीनी मिलें बंद हो गईं हैं जबकि बाकी खरीद कर रही हैं। इस सत्र में गन्ना विभाग ने 31 चीनी मिलों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए थे।
मुरादाबाद मंडल में ही नौ मिलों पर केस दर्ज है। मिल मालिकों के साथ ही चीनी मिलों के दूसरे अधिकारियों को भी नामजद किया गया है। यह मुकदमे दिसंबर 2015 से लेकर मार्च 2016 तक दर्ज कराए गए। इनमें सिंभावली, बजाज, अगवानपुर, राणा, त्रिवेणी, द्वारिकेश, मोदीनगर और आईपीएल समेत कई ग्रुप शामिल हैं।
खास बात यह है कि थाने में एक छोटा सा मुकदमा दर्ज होने के बाद भी घरों पर ताबड़तोड़ दबिश देने वाली पुलिस इन मिल मालिकों को नहीं तलाश पा रही है। खास बात यह है कि किसी भी मिल मालिक के यहां छापा नहीं पड़ा है।
मिल मालिकों की जेब में है सरकार : वीएम सिंह
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष वीएम सिंह का कहना है कि शुगर लॉबी ही सरकार चला रही है। अदालतों द्वारा कई दफा आदेश हुए मगर सरकार ने फिर भी मिल मालिकों पर कोई कार्रवाई नहीं की है। एक किसान पर मुकदमा दर्ज हो जाए तो पुलिस उसे जेल भेज देती है मगर मिल मालिकों से याराना निभा रहे हैं।