शुक्रवार से पेरिस ओलंपिक का आगाज होने जा रहा है। मुरादाबाद से अभी तक भले ही खिलाड़ी ओलंपिक तक न पहुंच पाया हो, लेकिन उभरती हुई प्रतिभाओं ने अपने खेल से आस जगा दी है। हैमर थ्रो खिलाड़ी सरिता सिंह और क्रिकेटर मेघना सिंह कॉमनवेल्थ तक पहुंची हैं। इनके अलावा कई अन्य खिलाड़ी भी राष्ट्रीय स्तर तक खेल हैं। इन्हें अगर सही निर्देशन और बुनियादी सुविधाएं मिलें तो अगले ओलंपिक में मुरादाबाद का भी प्रतिनिधित्व देखने को मिल सकता है।
जिले के तमाम खिलाड़ी अलग-अलग खेलों में अपना लोहा मनवा रहे हैं। 2011 की विश्वकप विजेता क्रिकेट टीम में शामिल पीयूष चावला व 2023 विश्वकप के फाइनल में पहुंचने वाली टीम का हिस्सा रहे मोहम्मद शमी भी इन खिलाड़ियों को सराहते हैं। जब हॉकी, क्रिकेट, बॉक्सिंग, तैराकी, जूडो आदि खेलों में मुरादाबाद के खिलाड़ियों को राष्ट्र स्तर पर पदक जीतते देखते हैं तो यही कहते हैं कि... ओलंपियन तुम्हीं हो कल के।
वर्तमान में हॉकी खिलाड़ी मोहम्मद फराज 2028 के ओलंपिक कोर ग्रुप में शामिल हैं। इसमें 40 खिलाड़ी अभ्यास कर रहे हैं, जिनमें से 18 ओलंपिक के लिए चुने जाएंगे। हॉकी में सिमरन सिंह, तैराकी में ऋतिक, जूडो में अभिषेक चौधरी, निशानेबाजी में तंजीत सिंह, अंशिका विश्नोई, वंशिका विश्नोई, बॉक्सिंग में मुस्कान आदि खिलाड़ियों से आस है कि ये ओलंपिक तक पहुंचेंगे।
अगले ओलंपिक में दिख सकते हैं मो. फराज
जीआईसी के कंक्रीट भरे मैदान में गोल पोस्ट न होने के कारण दीवारों पर ड्रैग फ्लिक का अभ्यास कर जूनियर इंडिया हॉकी टीम तक पहुंचे मोहम्मद फराज बेल्जियम के खिलाफ जीतने पर ब्रांज व मलेशिया के खिलाफ जीत कर सिल्वर मेडल पा चुके हैं। अब 2028 के ओलंपिक कोर ग्रुप में शामिल हैं।
रेलवे की टीम से ओलंपिक तक पहुंचने की तैयारी में सिमरन
सिमरन सिंह ने पारकर स्कूल के मैदान में बच्चों को हॉकी खेलता देख हाथ में स्टिक थामी थी। जूनियर इंडिया हॉकी टीम में रहकर आयरलैंड व बेलारूस को मात दी। सीनियर नेशनल वुमेन चैंपियनशिप में दो बार पदक जीत चुकी हैं। रेलवे में नियुक्त होकर ओलंपिक के लिए अभ्यास कर रही हैं।
एनसीसी में बने आईएमए के बेस्ट फायरर, अब ओलंपिक की तैयारी
तंजीत सिंह ने 2018 में एनसीसी से जुड़कर फायरिंग सीखी। 2021 में वह इंडियन मिलिट्री एकेडमी देहरादून में बेस्ट फायरर चुने गए। अब तक कई प्रदेश व राष्ट्र स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुके हैं। पटियाला में रहकर स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के केंद्र में स्पोर्ट्स साइकोलॉजी की ट्रेनिंग ले रहे हैं। वह ओलंपिक की तैयारी भी कर रहे हैं।
रिक्शा चालक की बेटी ने नेशनल में मनवाया लोहा
कांशीरामनगर निवासी एथलीट ज्योति रानी के पिता नेे जटिल परिस्थितियो में उन्हें अभ्यास कराया। लगातार मेहनत के बल पर आज ज्योति प्रदेश व नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पदक जीत चुकी हैं। भाई की सेना में नियुक्ति होने के बाद वह दिल्ली में अपनी तैयारी को धार दे रही हैं। 2028 में ओलंपिक पहुंचने का सपना है।
सीआईएसएफ की ओर से ओलंपिक की तैयारी में अभिषेक
2022 में गुजरात में आयोजित नेशनल गेम्स में कांस्य पदक जीतने के बाद अभिषेक चौधरी सीआईएसएफ में कांस्टेबल के पद पर चयनित हो गए। अब वहां खिलाड़ियों के ग्रुप में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने मुरादाबाद में आशियाना में निजी एकेडमी से अभ्यास शुरू किया था।
विदेश में पदक जीतकर बॉक्सर मुस्कान ने जगाई आस
मुस्कान सिंह ने 2017 में सोनकपुर स्टेडियम में अभ्यास शुरू किया था। हाल ही में उन्होंने चेक गणराज्य में कांस्य व स्वीडन में आयोजित इंटरनेशनल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता है। नेशनल गेम्स में भी वह पदक जीत चुकी हैं। अब पटियाला के साईं सेंटर में कॉमनवेल्थ गेम व ओलंपिक की तैयारी में जुटी हैं। भारत सरकार उन्हें स्कॉलरशिप देती है।
किराये की राइफल से निशानेबाज बहनों ने जमाई धाक
छजलैट निवासी अंशिका व वंशिका विश्नोई सगी बहनें हैं। दोनों ने स्कूल से निशानेबाजी का अभ्यास शुरू किया था। आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण आज तक दोनों बहनें बड़ी प्रतियोगिताओं में किराये की राइफल से निशानेबाजी करती हैं। इंडिया टीम का ट्रायल दे चुकी हैं। वंशिका जम्मू में कोच हैं व अंशिका पटियाला साईं सेंटर में तैयारी कर रही हैं।