प्रदेश के प्रमुख सचिव (गृह) अरविंद कुमार ने सोमवार को मुरादाबाद में कहा कि प्रदेश पुलिस अपराधियों की कमर तोड़ चुकी है। खौफजदा अपराधी जमानतें तुड़वाकर खुद जेल जा रहे हैं। जरूरत अब पुलिस विवेचना में वैज्ञानिक तथ्यों को शामिल कर कोर्ट में उन्हें कड़ी दिलाने की है। अभियोजन अफसरों को इसमें भूमिका निभानी होगी। प्रमुख सचिव ने कहा कि किसी दबाव या धमकी में गवाह कोर्ट में न मुकरें इसके लिए महत्वपूर्ण गवाहों को प्रदेश में यलो कार्ड जारी किए जाएंगे।
पुलिस अकादमी में प्रमुख सचिव गृह ने सरकार के चुनाव घोषण पत्र के तीन महत्वपूर्ण बिंदुआें को गिनाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार नागरिकों को समय पर त्वरित और सुलभ न्याय दिलाना चाहती है। सरकार की कोशिश है कि अपराधों की जांच में वैज्ञानिक पद्धति का इस्तेमाल हो। सजा दिलाने के लिए फारेंसिक साइंस लैब स्थापित की जाएं। प्रदेश में 10 फारेंसिक लैब की स्थापना हो रही है, जल्द वह काम शुरू कर देंगी।
उन्हाेंने कहा कि गुुंडाराज और भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेंकना शासन की शीर्ष प्राथमिकता है। पुलिस अपना काम कर रही है और अपराधियों में डर का माहौल है। अपराधाें में कमी आई है। उन्हाेंने कहा कि मकसद तभी पूरा होगा जब अपराधियों को मजबूत अभियोजन के जरिए कोर्ट में कड़ी सजा दिलाई जा सके। इसके लिए अभियोजन अधिकारियों के रिक्त पदों को भरा गया है। एडी, एसपीओ के पदों पर नियमों में ढिलाई देकर प्रोन्नति दी गई है। अभियोजन अधिकारियों को कंप्यूटर भी दिए गए हैं।