मुरादाबाद। प्रशासकों के कार्यकाल में की गई गड़बड़ी के आरोप में कुंदरकी थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर के खिलाफ तत्कालीन सचिव सुरेंद्र सिंह की याचिका को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है।
विकास खंड कुंदरकी की ग्राम पंचायत तेवर पट्टी और काजीपुरा में डीएम के आदेश पर डीपीआरओ द्वारा जांच की गई थी। जांच आख्या में पाई गई वित्तीय अनियमितताओं के आधार पर इस ग्राम पंचायत में प्रशासक रहे तत्कालीन सचिव सुरेंद्र सिंह और तत्कालीन सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) द्विजेंद्र सिंह के विरुद्ध धोखाधड़ी, शासकीय धन के गबन और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने आदि आरोपों में एडीओ पंचायत राजीव सक्सेना के द्वारा थाना कुंदरकी में सात जुलाई 2022 को एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इस एफआईआर को नियम विरुद्ध बताते हुए ग्राम पंचायत सचिव सुरेंद्र सिंह के द्वारा इलाहाबाद उच्च न्यायालय में एफआईआर को निरस्त करने के लिए याचिका दायर की गई थी। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता का तर्क था कि डीएम द्वारा यह एफआईआर ग्राम पंचायत सचिव के विरुद्ध दर्ज कराए जाने के लिए आदेश किया गया था, लेकिन याचिकाकर्ता का नाम त्रुटिवश एफआईआर में शामिल कर लिया गया है। जिस पर सुनवाई उपरांत हाईकोर्ट की खंडपीठ ने यह कहते हुए याचिका निरस्त कर दी कि याचिकाकर्ता का नाम शामिल किए जाने का निर्धारण विवेचना के स्तर पर तय होगा। प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध हुआ है, इसलिए एफआईआर में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता है।