मुरादाबाद। नगर निगम के विकास और योजनाओं के दावे वार्ड संख्या चार पैपटपुरा में धड़ाम नजर आते हैं। यहां तकरीबन साढ़े पांच सौ परिवारों को पेयजल आपूर्ति भी नसीब नहीं हो सकी है। बस्ती की गलियों में पाइपलाइन ही नहीं डाली गई। जिस कारण लोग हैंडपंप और निजी सबमर्सिबल के सहारे जीवन गुजारने को मजबूर हैं। गर्मी और बरसात के दिनों में यहां हमेशा पेयजल का संकट बना रहता है। इसके अलावा कई अन्य तरह की परेशानियों से लोग जूझ रहे हैं लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
लोगों का आरोप है कि मोहल्ले की गलियों में नालियों का निर्माण और सड़क पर मिट्टी भराव का कार्य एक महीने पहले कराया गया था। उम्मीद थी कि वर्षों पुरानी समस्याओं से राहत मिलेगी लेकिन हल्की बारिश में ही घटिया सामग्री की पोल खुल गई। नालियों का प्लास्टर टूटने लगा है और सड़क का निर्माण अबतक पूरा नहीं हो पाया है। मिट्टी भरकर इसी तरह छोड़ दी गई है। जिससे राहत मिलने के बजाय लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। गलियों में आवागमन मुश्किल हो गया है और बारिश के दौरान कीचड़ से सड़क सनी रहती है।
मोहल्ले वालों का कहना है कि पेयजल संकट के साथ-साथ सफाई व्यवस्था भी पूरी तरह चरमरा गई है। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था कागजों तक सीमित है। कूड़े की गाड़ी आती जरूर है लेकिन गलियों में रुके बिना सीधे निकल जाती है। स्थानीय निवासी मक्खन सिंह, महेश और विकास ने आरोप लगाया कि सफाई कर्मचारी प्रति घर पचास रुपये सुविधा शुल्क के नाम पर मांगते हैं और पैसे न देने पर कूड़ा नहीं उठाया जाता। इससे लोग मजबूरी में खाली प्लॉटों में कचरा फेंकने को मजबूर होते हैं। मोहल्ले में जगह-जगह कूड़े का ढेर लगा हुआ है।
लोगों ने यह भी बताया कि पिछले दो महीनों से नालियों की सफाई नहीं हुई है। मच्छरों का प्रकोप हमेशा बना रहता है। निगम में अधिकारियों को कई बार शिकायत की गई है लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं हुई है। पानी की पाइपलाइन बिछाने की मांग वर्षों से उठाई जा रही है और कई बार सर्वे हुआ लेकिन अबतक इसे नहीं बिछाया गया है। जिन गलियों में पहली बार सड़क बननी शुरू हुई वह भी अधूरी छोड़ दी गई है। लोगों ने निगम से जल्द ही पेयजल आपूर्ति, नालियों की मरम्मत, सड़क निर्माण और नियमित सफाई की व्यवस्था करने की मांग की है।
- क्या बोले स्थानीय लोग
- एक महीने पहले नालियों का निर्माण और सड़कों पर मिट्टी भराव का काम हुआ है। हल्की बारिश में ही नालियां धंस गई हैं और सड़क का काम अबतक अधूरा पड़ा हुआ है। परेशानी कम होने के बजाय और बढ़ गई है। आवागमन में काफी परेशानी हो रही है। - ओम प्रकाश
- तीन से चार गली हैं और पानी की पाइपलाइन इस ओर नहीं डाली गई है। सड़क भी पहली बार बन रही है और अधूरी पड़ी हुई है। गंदगी का भी अंबार लगा हुआ है लेकिन कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। लोग परेशान हैं। - विजय कुमार
- मोहल्ले में कूड़े की गाड़ी आती है लेकिन सीधे निकल जाती है। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन बस कागजों पर है। नालियां गंदी हैं और जगह-जगह कूड़े का ढेर लगा हुआ है। कोई देखने-सुनने वाला नहीं है। लोग इन्हीं समस्याओं के बीच जीवन यापन कर रहे हैं। - चेतनपाल सिंह
- जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं और मच्छरों का आतंक है। हर बारिश में लोग बीमारियों की चपेट में आते हैं। नालियों की सफाई महीनों नहीं होती है। कई नाले मौजूदा समय में भी चोक पड़े हुए हैं। - अवनीश कुमार
वर्जन
पैपटपुरा क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाने का काम अगले महीने से शुरू होगा। प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यहां सभी घरों तक पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। - विनोद अग्रवाल, महापौर