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Moradabad News: कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव की गाड़ी रोकी, पुलिस से हाथापाई

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मुरादाबाद।
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सर्किट हाउस आए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलने पहुंचे सपाइयों को पुलिस ने गेट पर रोक दिया। अखिलेश यादव सपा सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क को देखने अस्पताल के लिए सर्किट हाउस से निकले तो गुस्साए सपाइयों ने उनकी गाड़ी रोक ली और हंगामा शुरू कर दिया। इसको लेकर सपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की पुलिस से नोकझोंक व हाथापाई हो गई। वहीं सपा जिलाध्यक्ष डीपी यादव के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। सपा मुखिया ने लौटकर मिलने का आश्वासन दिया तो कार्यकर्ताओं का गुस्सा शांत हुआ।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव बुधवार दोपहर हेलीकाॅप्टर से ठाकुरद्वारा पहुंचे। जहां वे ठाकुरद्वारा विधायक नवाबजान के आवास पर गए। इसके बाद मुरादाबाद में सर्किट हाउस पहुंचे। वहां से उन्हें सिद्ध अस्पताल में भर्ती सपा सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क से मिलने जाना था। अखिलेश यादव से मिलने सर्किट हाउस पहुंचे सपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गेट पर ही रोक लिया। इस बात पर सपाई भड़क गए। गेट पर ही धरने पर बैठ गए।
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सपा के प्रदेश सचिव फिरासत हुसैन उर्फ गामा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने रोके जाने पर सपा के जिलाध्यक्ष डीपी यादव के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। आरोप लगाया कि सपा जिलाध्यक्ष के चलते पार्टी की व्यवस्था बिगड़ी है। कुछ देर बाद अखिलेश यादव कार से अस्पताल जाने के लिए निकले तो गेट पर ही कार्यकर्ताओं ने उनकी गाड़ी रोक ली।
अखिलेश का काफिला रुकने पर पुलिस के हाथ-पैर फूल गए। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को हटाने की कोशिश की तो पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई हो गई। पुलिस ने किसी प्रकार कार्यकर्ताओं को हटाकर काफिले को रवाना किया। रोड पर पहुंचते ही कुछ कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव की गाड़ी पर फूल बरसाए। स्वागत को देखते ही पूर्व मुख्यमंत्री ने कुछ देर के लिए गाड़ी रोक ली। इसके बाद सांसद को देखने के लिए अस्पताल चले गए।
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सांसद की गाड़ी से समर्थकों को उतारा
सर्किट हाउस के गेट पर तैनात पुलिसकर्मियों ने सांसद डॉ. एसटी हसन की गाड़ी से भी समर्थकों को नीचे उतार दिया। पुलिस ने सांसद की भी एक नहीं सुनी। इसी प्रकार अन्य कार्यकर्ताओं को भी अंदर जाने से रोका गया। पूर्व विधायक युसूफ अंसारी को अकेले अंदर जाने दिया गया। पुलिस जिलाध्यक्ष की तरफ से जारी सूची के अनुसार ही नेताओं को अंदर जाने की इजाजत दे रही थी। कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस ने गेट के दोनों तरफ रस्सा बांध दिया था।
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