पति की मौत की भरपाई तो धन-दौलत से नहीं हो सकती लेकिन छप्पर में जिंदगी गुजारने वाली महिला को 70 लाख रुपये बतौर मुआवजे के मिल जाएं तो यही कहा
जाएगा कि गरीब परिवार को छप्परफाड़ मुआवजा मिला है। कमाई को सऊदी अरब गए असमोली थाना क्षेत्र के गांव नरैटा मोहम्मदपुर निवासी नौशाद की सऊदी अरब में रहस्यमय हालात में मौत हो गई थी। पत्नी सिरातुल ने नौशाद की हत्या का आरोप लगाया था। संभल जिला प्रशासन ने मुआवजा राशि चेक मिलने की पुष्टि की है।
नौशाद पुत्र फकीरा की सऊदी अरब में मौत के चार महीने बाद 19 दिसंबर 2015 को शव भारत लाया गया था। पत्नी ने हत्या का अंदेशा जताते हुए भारतीय दूतावास से कार्रवाई की मांग की। भारतीय दूतावास के सौजन्य से मामला सऊदी अरब के न्यायालय में पहुंचा। जहां तीन साल बाद पीड़ित पत्नी सिरातुल के हक में फैसला आया। उसके बैंक खाते के नंबर का उल्लेख करते हुए 69,72,112 रुपये का चेक भेजा गया है। चेक जिलाधिकारी कार्यालय में 8 दिसंबर को पहुंच चुका है। अब तक पीड़िता को जिला प्रशासन की ओर से कोई सूचना तक नहीं दी गई है।
पति को सऊदी में पीटा जाता था, पांच माह लगे थे शव लाने में संभल। पीड़िता ने बताया कि चार वर्ष पहले उनके पति कमाने के लिए सऊदी अरब गए थे। पांच
महीने बाद फोन कर बताया कि जिस व्यक्ति के घर नौकरी कर रहे हैं वह उन्हें पीटता है। उसको बचा लिया जाए। पत्नी ने इतनी परेशानी सुनी तो बैचेन हो गई। जिला प्रशासन के पास मदद को पहुंची तो पीड़िता को दिल्ली भारतीय दूतावास भेज दिया गया। जब तक दूतावास के कर्मचारी कार्रवाई कर पाते उससे पहले ही पति की मौत की सूचना मिली। सऊदी में रहने वाले लोगों ने नौशाद के मरने की सूचना दी।
पीड़िता, पति के शव को पाने के लिए दूतावास के चक्कर लगाती रही। पांच महीने के चक्कर लगाने के बाद 19 दिसंबर 2015 को नौशाद का शव भेजा गया। पीड़िता ने पति की हत्या का अंदेशा जताते हुए भारतीय दूतावास से कार्रवाई की मांग की। भारतीय दूतावास ने सऊदी अरब सरकार से मामले में संज्ञान लेने का आग्रह किया। इसके बाद मामला न्यायालय में पहुंच गया। संघर्ष के बाद मुआवजे का चेक भारत आया है।