मूंढापांडे थाना क्षेत्र के ककरघटा गांव में दहेज की मांग पूरी न होने पर महिला की हत्या कर दी गई। सूचना मिलने पर मायके वाले पहुंचे तो उन्हें मृतका के पति और उसके परिवार के लोगों ने धमकाकर भगा दिया। बिना पोस्टमार्टम कराए शव को दफन कर दिया।
डीआईजी के आदेश पर पुलिस ने पति समेत पांच लोगों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप में केस दर्ज किया है। पुलिस अब मृतका का शव कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम कराने की तैयारी में है। कुंदरकी थाना क्षेत्र के डींगरपुर रोड निवासी नफीस अहमद सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य हैं।
उन्होंने अपनी बेटी अंजुम बी (35) की शादी 11 साल पहले मूंढापांडे के ककरघटा निवासी इमदाद हुसैन के साथ की थी। शादी के बाद से ही पति और ससुराल वाले दहेज के लिए अंजुम बी को परेशान करते थे। महिला के पिता ने उसके पति को एक कार खरीदकर दी।
इसके बाद भी उसका लालच खत्म नहीं हुआ। आरोपी ने अंजुम पर दबाव बनाया कि वह अपने मायके से 10 लाख रुपये लेकर आए। महिला ने विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की। नफीस का आरोप है कि सात सितंबर की सुबह इमदाद, उसके पिता शाहिद हुसैन, भाई सद्दाम हुसैन, दिलशाद और इस्तेकार ने अंजुम की हत्या कर दी।
सूचना पर नफीस और उनके परिवार के लोग पहुंचे तो आरोपियों ने उन्हें धमकी देकर भगा दिया और शव दफन कर दिया। नफीस ने मामले की शिकायत मूंढापांडे थाने पहुंचकर की, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
तब पीड़ित ने डीआईजी मुनिराज जी से शिकायत की। डीआईजी के आदेश पर मूंढापांडे थाने में पांच लोगों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप में केस दर्ज किया गया है।
गले पर थे चोट के निशान, नहीं होने दिया पोस्टमार्टम
बेटी की माैत की जानकारी मिलने पर नफीस अहमद अपने परिवार के लोगों के साथ ककरघटा पहुंचे तो अंजुम का शव फर्श पर पड़ा था। आरोप है कि मृतका के गले पर चोटों के निशान थे। उन्होंने पोस्टमार्टम कराने की मांग की और सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई, लेकिन पति और उसके परिवार वालों ने शव का पोस्टमार्टम नहीं होने दिया। अंजुम के तीन बच्चे फरहान, नविता और अफदाल हैं।
तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। कोर्ट से अनुमति लेकर पोस्टमार्टम कराने के लिए कब्र से शव निकाला जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - कुलदीप कुमार गुप्ता, सीओ हाईवे