सिविल लाइंस थानाक्षेत्र के अगवानपुर में रविवार की रात दून एक्सप्रेस से गिरकर 22 वर्षीय मंजू की मौत हो गई।वह अपने पति विजय और दो वर्षीय बेटे के साथ मायके से ससुराल देहरादून लौट रहीं थी। सोमवार को पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
गांव लक्षिवाला थाना डोईवाला जनपद देहरादून उत्तराखंड निवासी मंजू देवी का उत्तर प्रदेश के फैजाबाद के थाना मोबाई के गांव बरौली में मायका है। पति विजय किसान हैं। परिवार में दो साल का बेटा शिवांश है। विजय के अनुसार मंजू की बड़ी बहन की नंद की बेटी की शादी थी। दंपती शादी में शामिल होने के लिए 16 अप्रैल को फैजाबाद गए थे। रविवार को करीब सवा महीने के बाद अपने घर दून एक्सप्रेस से लौट रहे थे। विजय के अनुसार ट्रेन में उन्हें नींद आ गई। इसी दौरान उनका बच्चा रोने लगा। पड़ोस में बैठे लोगों ने विजय को उठाया और बोले बच्चे को शांत कराएं। विजय ने आसपास देखा तो मंजू ट्रेन में नहीं थी।
विजय कोच में ढूंढने लगे तो गेट पर बैठे कुछ लोगों ने महिला के ट्रेन से गिरने की सूचना दी। तब विजय ने चेन खींचकर ट्रेन रुकवा दी। ट्रेन का गार्ड विजय और बच्चे को ट्रेन से उतारकर चला गया। वहीं रात के ढाई बजे मासूम के साथ विजय ट्रैक से होता हुआ अगवानपुर की और बढ़े। ईदगाह के सामने उन्हें मंजू का शव लहूलुहान हालत में पड़ा मिला।उनके होश उड़ गए, बमुश्किल 112 पर कॉल करके पुलिस को सूचना दी। चौकी इंचार्ज मेघराज सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। विजय की सूचना पर सोमवार को उनके परिजन यहां आ गए। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।