मुरादाबाद। रामपुर के सपा विधायक आजम खां के खिलाफ अदालत के आदेशों की अवमानना के मामले में शुक्रवार को केस के वादी ने अपने बयान दर्ज कराए। समय के अभाव के कारण जिरह पूरी नहीं हो सकी। अदालत ने बचाव पक्ष को जिरह पूरी करने के लिए दस अगस्त की तारीख तय की है।
छजलैट थाने के सामने 29 जनवरी 2008 को सपा विधायक एवं पूर्व मंत्री आजम खां की गाड़ी रोक कर पुलिस ने चेकिंग की थी। आरोप है कि चेकिंग के विरोध में आजम खां सड़क पर बैठ गए थे और हंगामा किया था। आस पड़ोस के जनपदों से भी सपा नेता उनके समर्थक में आ गए थे। इस मामले में आजम खां, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम समेत नौ लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया था। इस मामले में कई बार समन जारी होने के बाद भी आजम खां अदालत में हाजिर नहीं हुए थे। 2020 में अदालत के आदेशों की अवमानना के आरोप में आजम खां के खिलाफ इंस्पेक्टर रामवीर सिंह ने केस दर्ज कराया था।
इस मुकदमे की सुनवाई एमपी एमएलए स्पेशल मजिस्ट्रेट कोर्ट स्मिता गोस्वामी की अदालत में की जा रही है। विशेष लोक अभियोजक मोहनलाल विश्नोई ने बताया कि रामवीर सिंह वर्तमान में जिला संभल के समन सेल में नियुक्त हैं। शुक्रवार को अदालत में पेश हुए और आजम खां व उनके बेटे अब्दुल्ला आजम के खिलाफ अपने बयान दर्ज कराए। जिसमें उन्होंने बताया कि आरोपियों को अदालत से जारी समन मिल गए थे, लेकिन वह अदालत में हाजिर नहीं हुए थे। जिसके बाद अदालत के आदेश पर आजम खां के खिलाफ थाना छजलैट में अवमानना का मुकदमा दर्ज कराया गया था। वादी से आजम खां के वकील शहनावाज सिब्तेन ने जिरह की, लेकिन समय के अभाव के कारण जिरह पूरी नहीं हो सकी। अदालत ने इस मामले में दस अगस्त लगा दी है।