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विवि की वेबसाइट रही व्यस्त, पंजीकरण कराने के लिए जूझते रहे छात्र

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मुरादाबाद। नए शैक्षिक सत्र के लिए महाविद्यालयों में एडमिशन के लिए आवेदन शुक्रवार से शुरू हो गए हैं। पहले दिन महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय की वेबसाइट बेहद व्यस्त रही। शहर के तमाम साइबर कैफे पर छात्र फार्म भरने के लिए घंटों जूझते रहे। वहीं पंजीकरण शुल्क 50 रुपये बढ़ जाने से छात्र नाराज हैं। उनकी ओर से लगातार विरोध किया जा रहा है।
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बीए, बीकॉम, बीएसएसी व प्रवेश परीक्षा को छोड़कर अन्य पाठ्यक्रमों के संस्थागत विद्यार्थियों के लिए शुक्रवार से विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर पंजीकरण शुरू हो गए हैं। एडमिशन लेने वाले छात्रों का कहना है कि प्राइवेट कॉलेजों की तरह एडेड कॉलेजों में भी पहले प्रोस्पेक्टस मिलना चाहिए। इससे छात्रों को पता चल सकेगा कि किस कोर्स का कितना शुल्क है। साथ ही महाविद्यालय में कौन से कोर्स उपलब्ध हैं।
हिंदू कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सत्यव्रत सिंह रावत ने शुक्रवार को प्रवेश प्रक्रिया शुरू करवाने के लिए प्रवेश समिति की बैठक बुलाई। उन्होंने बताया कि सोमवार तक समिति गठित कर ली जाएगी। गोकुलदास हिंदू गर्ल्स कॉलेज की प्राचार्य प्रो. चारू मेहरोत्रा ने बताया कि विश्वविद्यालय में पंजीकरण की देरी होने की वजह से कॉलेज स्तर पर प्रारूप देकर पंजीकरण पहले ही शुरू कर दिया गया था। छात्राओं को विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर भी पंजीकरण करना आवश्यक है। बिना यह कार्य किए कॉलेज में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाएगी।
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एमजेपी रुहेलकंड विश्वविद्यालय के प्रभारी डॉ. अमित सिंह ने बताया कि पहले दिन वेबसाइट पर अधिक संख्या में छात्रों ने एक साथ लॉग इन किया। इसके चलते समस्या आई, जल्द ही इसमें सुधार कर लिया जाएगा। पंजीकरण शुल्क में बढ़ोतरी पर उन्होंनें कहा कि अन्य विश्वविद्यालयों की तुलना में रुहेलखंड विवि का पंजीकरण शुल्क अब भी काफी कम है।
विश्वविद्यालय की ओर से पंजीकरण शुल्क बढ़ने के बाद कुछ साइबर कैफे संचालकों ने भी मनमानी शुरू कर दी है। ये संचालक 50 रुपये अधिक शुल्क वसूल रहे हैं। छात्रों ने बताया कि अब तक फार्म भरने का चार्ज साइबर कैफे पर 50 रुपये था। अब बढ़ाकर 100 कर दिया गया है। इससे छात्रों पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है। साथ ही हर कॉलेज के लिए अलग आवेदन करने से काफी रुपये खर्च हो रहे हैं। विश्वविद्यालय को पहले जैसी व्यवस्था दोबारा लागू करनी चाहिए।
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