मुरादाबाद। कोरोना के अनियंत्रित फैलाव की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग बिना संस्थानों के मैदान में है। विभाग के पास पर्याप्त पल्स ऑक्सीमीटर और इंफ्रारेड थर्मामीटर गन तक नहीं हैं। पांच जुलाई से आठ सौ वारियर्स शहरी और ग्रामीण इलाकों में घर-घर दस्तक देंगे। वारियर्स कोविड और नॉन कोविड मरीजों को चिह्नित करेंगे। पल्स आक्सीमीटर और इंफ्रारेड थर्मामीटर गन नहीं होने से कोविड और नॉन कोविड आशंकित मरीज कैसे चिह्नित होंगे, किसी के पास जवाब नहीं है।
संक्रमण का फैलाव रोकने के लिए सरकार ने पांच जुलाई से 15 जुलाई तक घर-घर सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के फील्ड कर्मियों के अलावा आशा और आंगनबाड़ी वर्कर को फ्रंट लाइन पर लगाया जा रहा है। विभाग ने अभियान का माइक्रो प्लान तैयार कर लिया है। अभियान में आठ सौ वारियर्स घर-घर जाएंगे और कोविड और नॉन कोविड मरीजों की स्क्रीनिंग करेंगे। संक्रमण रोकने के इस अभियान के लिए कमिशभनर वीरेंद्र कुमार सिंह ने बुधवार को समीक्षा कर हर टीम को मरीजों की स्क्रीनिंग करने के लिए पल्स ऑक्सीमीटर और इंफ्रारेड थर्मामीटर गन मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग के पास पल्स ऑक्सीमीटर और इंफ्रारेड थर्मामीटर नहीं हैं। कोरोना आशंकित मरीजों में बुखार की शिकायत के साथ आक्सीजन स्तर में गिरावट आ रही है। पल्स ऑक्सीमीटर और इंफ्रारेड थर्मामीटर से ही इसकी जांच संभव है।
जुलाई में मानसून सत्र के साथ वायरल एवं संक्रामक बीमारियां भी फैलेंगी। बुखार की शिकायत से लोगों में दहशत बढ़ जाएगी। कोरोना और वायरल के मरीजों की पहचान करने के लिए ही अभियान चलाया जाना है। लेकिन संसाधनों के अभाव में इसकी औपचारिकता पर सवाल उठना लाजमी है।
- आठ सौ टीमें अभियान में काम करेंगी। प्रत्येक टीम में दो-दो कर्मी होंगे। विभाग के पास पर्याप्त पल्स ऑक्सीमीटर और इंफ्रारेड थर्मामीटर नहीं हैं। बिना संस्थानों के कोविड और नॉन कोविड मरीजों को चिह्नित करना संभव नहीं है। शहरी क्षेत्र में नगर निकाय और ग्रामीण इलाकों में पंचायत विभाग टीमों को पल्स ऑक्सीमीटर और इंफ्रारेड थर्मामीटर उपलब्ध कराएंगे।
- डा. एमसी गर्ग, सीएमओ।
गर्भवती और गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीज अलग से होंगे चिह्नित
मुरादाबाद। घर-घर सर्वेक्षण में टीमें कोविड और नॉन कोविड मरीजों को चिह्नित करने के साथ किडनी, लीवर, डायबिटीज कैंसर, टीबी समेत अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों और गर्भवती महिलाओं को भी चिह्नित करेंगी। इनको घर में रहने की सलाह दी जाएगी। कोरोना आशंकित मिलने पर उनका सैंपल कराया जाएगा।