नगर कोतवाली पुलिस ने चेकिंग के दौरान इंपीरियल तिराहे से एक आटो पार्ट्स कारोबारी की कार से दो लाख रुपये बरामद किए। कारोबारी ने बताया कि शनिवार-रविवार का कैश बैंक में जमा न हो पाने के कारण इतनी रकम उसके पास है, लेकिन पुलिस ने संदिग्ध मानकर रकम को कब्जे में ले ली और कारोबारी को थाने ले आई।
इसके बाद इस रकम को सही या गलत साबित करने में पुलिस, इनकम टैक्स और वाणिज्यकर विभाग की टीम को चार घंटे लग गए। चार घंटे में तीन विभाग के अफसरों द्वारा जांच किए जाने के बाद कारोबारी को क्लीनचिट दे दी गई और उन्हें थाने से छोड़ा।
रामगंगा विहार निवासी सुबोध सेठी ने बताया कि वह आटो पार्ट्स कारोबारी हैं। स्टेशन रोड पर उनकी दो दुकानें हैं। सोमवार सुबह वह बेटे के साथ आईटेन कार से शॉप पर जा रहे थे। इंपीरियल तिरोह पर चेकिंग कर रही नगर कोतवाली पुलिस ने कार को चेकिं ग के लिए रोक लिया।
तलाशी लेने पर पर कार से एक बैग में रखे 2.05 लाख रुपये बरामद किए। इस रकम का पुलिस ने सुबोध से ब्यौरा मांगा तो उन्हाेंने बताया कि शनिवार और रविवार को बैंक बंद होने कीवजह से वह रकम जमा नहीं करवा सके थे। कैश घर ले गए थे। पुलिस से सुबोध ने बताया कि वह इनकम टैक्स भी देते हैं।
पुलिस ने सुबोध के बयान का विश्वास नहीं किया। रकम को अपने कब्जे में लिया और कारोबारी को थाने ले आए। मामले की सूचना इनकम टैक्स, वाणिज्यकर विभाग के अफसरों कोे दी गई। सूचना पर दोनों विभाग के अफसर कोतवाली थाने पहुंचे। कारोबारी ने सारे दस्तावेज अधिकारियों को सौंपे।
करीब चार घंटे की जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने सुबोध को छोड़ दिया और रकम को भी उनके सुपुर्द कर दिया है। सीओ कोतवाली पूनम मिश्रा का कहना है कि कारोबारी मौके पर रकम का ब्यौरा नहीं दे पाए थे, इस वजह से उन्हें थाने लाया गया। रकम का ब्यौरा मिलने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया है।