यूपी के मुरादाबाद में एक महिला ने अपनी बहन और प्रेमी के साथ मिलकर पति को मार डाला। दोनों बहनों ने पहले मृतक पवन को बांध दिया और इसके बाद दोनों ने अपने-अपने प्रेमी घर बुला लिए थे। चारों ने मिलकर पवन को करंट लगाया। फिर जबरन जहर खिलाया।
मुरादाबाद में फर्मकर्मी पवन ठाकुर हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस की गिरफ्त में आए चारों आरोपियों ने पूछताछ में कबूला है कि पवन पहले पत्नी आंचल के साथ अपने पैतृक गांव में ही रहता था। घर से ही वह फर्म में काम पर जाता था, शाम को घर लौटता था।
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पवन की गैर मौजूदगी में उसके घर गांव निवासी अंकित ने आना-जाना शुरू कर दिया था। इसी दौरान अंकित और आंचल के बीच संबंध हो गए थे। धीरे-धीरे इसकी भनक पवन को लग गई थी तब उसने गांव छोड़ दिया और कुंदनपुर में मकान बनाकर रहने लगा था लेकिन आंचल ने अंकित से बातचीत बंद नहीं की।
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इसी दौरान फोन के जरिये आंचल की बहन शिखा की जान पहचान जयंतीपुर निवासी अजय दिवाकर से हो गई थी। वह भी उसे मिलने के लिए मुरादाबाद आने लगी थी। एक दिन शिखा अपनी बहन के घर आई थी। तब शिखा बाजार से कुछ सामान खरीदने गई थी।
वापस आई तो घर में अजय भी मौजूद था। आंचल ने दोनों को पकड़ लिया था। तब दोनों बहनों ने तय किया था वह अपने-अपने प्रेमियों को घर बुलाती रहेंगी लेकिन इसकी भनक किसी को न लगे।
पवन की टूटती रहीं सांसें, घर में ही पार्टी करते रहे चारों
दोनों बहनों ने पहले पवन को बांध दिया और इसके बाद अपने अपने प्रेमी घर बुला लिए थे। दोनों प्रेमी सुबह से ही घर में मौजूद थे लेकिन पवन के आने से कुछ देर पहले ही घर से निकले थे।
कॉल करने पर दोनों वापस आ गए थे। इसके बाद पवन को करंट लगाया गया। फिर जबरन जहर खिलाया। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि रात में पवन की सांसें टूटती रहीं लेकिन दोनों बहनें और उनके प्रेमी घर में ही पार्टी करते रहे।
आत्महत्या का रूप देकर हत्या पर पर्दा डालना चाहते थे परिजन
पवन की हत्या को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। चारों ने रात भर इसकी योजना बनाई। पहले पवन को फंदे पर लटकाने की प्लानिंग की गई थी लेकिन बाद में जहर खिलाकर मारने की बात तय हुई।
आंचल और उसकी बहन शिखा को लगा कि अगर वह आत्महत्या की बात कहेंगी तो परिजन पुलिस को सूचना नहीं देंगे। लेकिन, पवन का भाई देवेंद्र और उसकी बहन सांसें चलने की बात कहकर पवन को जिला अस्पताल ले गए थे। हालांकि पवन की पहले की मौत हो गई थी। यहां भी आंचल ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार किया था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आते ही पुलिस ने चारों आरोपियों को पकड़ा
पुलिस को शक तो पहले ही हो गया था लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही थी। शनिवार की शाम पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो हत्या की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने पहले आंचल, उसकी बहन और अंकित और अजय को हिरासत में ले लिया।
मायके में रची की हत्या साजिश
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आंचल करीब 15 दिन पहले अपने मायके गई थी। वहीं आंचल ने अपनी बहन के साथ मिलकर पवन की हत्या की साजिश रची थी। इसके बाद दोनों ने अपने अपने प्रेमी को इस हत्याकांड में शामिल करने के लिए मना लिया था।