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Moradabad News: लाइनपार का कब होगा विकास...हर वार्ड में गूंज रहा यही सवाल

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मुरादाबाद। लाइनपार में सड़क और जलनिकासी की समस्या लोगों की रोजमर्रा की परेशानी बन गई है। नगर निकाय चुनाव से लेकर विधानसभा और लोकसभा चुनाव तक में यहां के लोगों से वादे तो हुए लेकिन काम नहीं। वार्ड 37, वार्ड-4, 30 और 53 के कई इलाकों में आज भी लोग पक्की सड़कों और नालियों की आस लगाए हैं। एकता कॉलोनी, आजाद नगर, श्रीनगर, जयंतीपुर और शिवपुरी में बदहाल रास्ते विकास के दावों पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
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कई जगह सड़कें कच्ची हैं तो कहीं रास्तों पर गड्ढे और उखड़ी सतह लोगों की मुश्किल बढ़ा रहे हैं। बारिश में यही रास्ते कीचड़ से भर जाते हैं। पैदल निकलना तक मुश्किल हो जाता है। दोपहिया वाहन चालकों को फिसलने का खतरा बना रहता है। नालियां नहीं होने से घरों का गंदा पानी रास्तों पर फैलता है। जलभराव और गंदगी के बीच लोगों को आवागमन करना पड़ता है। बारिश के मौसम में एंबुलेंस चालक इन सड़कों पर आने से मना कर देते हैं। स्ट्रीट लाइट न होने से रात में अंधेरा रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क और नाली की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है, लेकिन राहत देने वाला काम जमीन पर नजर नहीं आता। बच्चों को स्कूल जाने, बुजुर्गों को बाहर निकलने और मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी दिक्कत होती है। गलियों की बदहाली का खामियाजा रोज लोगों को भुगतना पड़ रहा है। लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग पहले खराब रास्तों और जलनिकासी की समस्या वाले इलाकों को चिह्नित करें। इसके बाद पक्की सड़कें और नालियां बनवाई जाएं, ताकि उन्हें हर मौसम में परेशानी न झेलनी पड़े।

लोगों के कोट्स
हमारे इलाके में सड़क की हालत ऐसी है कि रोज निकलते समय परेशानी होती है। बारिश में कीचड़ फैल जाता है और वाहन फिसलने का डर रहता है। कई बार शिकायत करने के बाद भी समस्या दूर नहीं हुई। हमारी मांग है कि सड़क का निर्माण जल्द कराया जाए।
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- सीमा, श्री नगर

गली में नाली नहीं होने से घरों का गंदा पानी सड़क पर बहता है। इससे बदबू और गंदगी बनी रहती है। बच्चों और बुजुर्गों को निकलने में परेशानी होती है। सड़क बनाने के साथ नाली का निर्माण भी जरूरी है, तभी समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।
- जावेद, जयंतीपुर

बारिश होते ही गली की हालत खराब हो जाती है। जगह-जगह पानी और कीचड़ भरने से पैदल निकलना मुश्किल होता है। दोपहिया वाहन चालक भी परेशान रहते हैं। हर साल यही स्थिति झेलनी पड़ती है। जिम्मेदार अधिकारियों को मौके पर आकर समस्या देखकर कार्रवाई करनी चाहिए।
- विजय कुमार, आजाद नगर

खराब रास्तों का सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ता है। बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत होती है और बुजुर्गों के गिरने का डर बना रहता है। सड़क और नाली जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलना हमारा हक है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
- पुष्पा, श्री नगर

शहर में विकास की बातें होती हैं, लेकिन हमारी गलियों की हालत देखकर ऐसा नहीं लगता। सड़क और जलनिकासी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। लोगों को रोज परेशानी उठानी पड़ती है। संबंधित विभाग को सिर्फ आश्वासन देने के बजाय निर्माण कार्य शुरू कराना चाहिए।
- दिनेश, एकता कॉलोनी

वर्जन
जयंतीपुर, शिवपुरी व अन्य इलाकों में कई गलियों में सड़क निर्माण का एस्टीमेट बनाया गया है। स्वीकृति मिलते ही वहां निर्माण कार्य शुरू होगा और लोगों को परेशानी से राहत मिलेगी।
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- अजीत कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त
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