गेहूं का आटा च्यूइंगम की तरह खिंचने पर लोगों में हड़कंप मच गया। आटे में मिलावट की आशंका पर लोगों ने मोहल्ला बारादरी में हंगामा किया। सूचना पर पहुंची फूड सेफ्टी विभाग की टीम ने आटे के सैंपल लेकर जांच को भेज दिए और उक्त कंपनी के आटे की सप्लाई का रिकार्ड तैयार करना शुरू कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बाजार में कुछ समय से एक कंपनी का आटा सप्लाई किया जा रहा है। ज्यादा सफेद होने और अन्य ब्रांडेड आटे से कम दाम होने के चलते लोगों ने इसको प्रयोग करना शुरू कर दिया। लोगों के अनुसार यह आटा पानी में घुलने पर च्यूइंगम की तरह खिंचता है। इसकी रोटियां भी खिंचती हैं। इसके चलते लोगों में आटे में मिलावट होने की बात फैल गई। इसको लेकर लोगों ने मोहल्ला बारादरी में एक दुकान के बाहर हंगामा किया और मिलावटी आटा बेचने का आरोप लगाया।
सूचना पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी ज्योत्सना त्रिपाठी के नेतृत्व में टीम ने दुकान पर पहुंचकर आटे की जांच की। वहां पर आटे के आठ बोरे मिले। दुकानदार से आटा सप्लाई की पूरी चेन का पता करने के साथ ही आटे के सैंपल सील कर जांच को भेज दिए हैं। दुकानदार से आटा खरीद और बिक्री के बिल टीम ने कब्जे में ले लिए हैं। राजकीय परीक्षण प्रयोगशाला लखनऊ को सैंपल भेजने के साथ ही जल्द रिपोर्ट उपलब्ध कराने का आग्रह पत्र भी भेजा गया है। लोगों को आशंका है कि आटे में प्लास्टिक दाना या कोई रसायन मिलाया जा रहा है।
...
लोगों ने आटे में प्लास्टिक मिलावट का आरोप लगाकर सूचना दी थी। उसके आधार पर सैंपल सील कर जांच को भेज दिए गए हैं। आटे के भौतिक परीक्षण में मिलावट होने केसाक्ष्य नहीं मिले हैं। आटे में प्लास्टिक का मिलाया जाना संभव भी नहीं लगता है। हो सकता है रुमाली रोटी जैसा आटा तैयार करने में मैदा की मात्रा ज्यादा कर दी गई हो, इससे रोटी खिंचने लगी हो। पूरी स्थिति जांच रिपोर्ट आने पर ही स्पष्ट हो सकेगी।
महेश कुमार त्रिपाठी, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी।