मुरादाबाद। मानसून की पहली बारिश में जगह-जगह जलभराव और गंदगी से नगर निगम के दावों की कलई खुल गई। कई मोहल्लों में तो घुटनों तक पानी भरा था। राहगीरों को आने जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। आखिरकार नगर आयुक्त को लापरवाही प्रकाश में आने पर अधीनस्थों के खिलाफ कार्रवाई करना पड़ा। जलभराव का मुख्य कारण जलनिकासी की पर्याप्त व्यवस्था का नहीं होना बताया जा रहा है।
मानसून की पहली बारिश बृहस्पतिवार को ब्रह्म मुहूर्त के समय शुरू हो गई। नींद टूटने के बाद लोग बारिश का मजा लेने के लिए निकल पड़े। पानी की पहली फुहार शरीर पर पड़ने के बाद लोग झूम उठे। काफी दिनों से गर्मी और उमस झेल रहे लोगों ने राहत महसूस की। इस बीच बारिश के चलते जेल रोड, झब्बू का नाला, दौलत बाग, बुद्ध बाजार, जीएडी रोड, राम गंगा बिहार, किला रोड, लाइन पार, ढक्का की पुलिया के पास जल भराव से आवागमन बाधित रहा। जगह-जगह रोड पर गंदगी दिखाई देने लगी। पहली बारिश में ही नगर निगम के दावों की कलई खुल गई।
निगम का दावा था कि शहर के 232 नालों की सफाई पूरी कर ली गई है। शहर के स्थानीय लोगों ने पहले ही नगर निगम के कर्मचारियों को आगाह किया था कि जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने और नाले की सफाई सही ढंग से नहीं होने पर जलभराव की समस्याएं सामने आएंगी। इसका प्रभाव दिखाई भी दिया। नगर आयुक्त के कैंप कार्यालय के सामने सड़क पर जल जमाव हो गया था। यहां भी सड़क बेहतर बनाई गई है लेकिन पानी निकालने के लिए नाली नहीं बनाई गई। जलभराव की शिकायतों के मिलने पर नगर निगम की टीमें सक्रिय हो गई। जगह जगह पानी निकालने की कोशिश की गई लेकिन संभल रोड सहित दो अन्य स्थानों पर सफलता नहीं मिल सकी।