मुरादाबाद में लगातार हो रही बारिश का असर सिर्फ बाहरी इलाके में ही नहीं, जेल की सलाखों पर भी पड़ा है। रविवार को जेल की दो बैरकों में पानी घुसने से 172 बंदी परेशान हो गए। पानी का असर जेल अधिकारियों और कर्मचारियों के आवासों पर भी पड़ा है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक का दावा है कि कुछ ही देर में बैरकों से पानी को निकाल लिया गया।
अंग्रेजों के जमाने की निर्मित जिला कारागार की बिल्डिंग काफी पुरानी है। जेल परिसर में अधिकारियों और कर्मचारियों के करीब 35 आवास हैं। दो दिनों से लगातार बारिश होने के कारण कर्मचारियों और अधिकारियों की छतों से पानी टपकने लगा तो जेलकर्मियों के परिवार भी परेशान हो गए। रविवार की सुबह जेल के बरामदे में पानी भरने के बाद दो बैरकों में भी पानी घुस गया। बंदियों के शोर मचाने पर वरिष्ठ जेल अधीक्षक और जेलर सक्रिय हो गए। आनन- फानन में जेलकर्मियों ने नाली को साफ कर किसी प्रकार पानी को निकाल दिया। इसके बाद बंदियों ने राहत की सांस ली।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि एक बैरक में 60 और दूसरी बैरक में 112 बंदी रहते हैं। पानी को कुछ देर में ही निकाल लिया गया। पूछने पर बताया कि नगर निगम ने नालियों को साफ कराया है लेकिन बिल्डिंग काफी पुरानी है।