मुरादाबाद। पिछले दो दिन से लगातार हो रही बारिश किसानों के लिए आफत बन गई है। बारिश के साथ चली हवा से सैकड़ों हेक्टेयर धान की फसल धराशायी हो गई है। इससे किसानों को करीब 30 फीसदी से अधिक नुकसान की संभावना है। आलू के तैयार खेत जलमग्न हो जाने के कारण बुवाई भी अब पिछड़ जाएगी। जिसे लेकर किसान खासे चिंतित हैं।
ठाकुरद्वारा क्षेत्र के ताराबाद निवासी किसान बृजेश सिंह ने बताया कि एक माह पहले तब जब उनकी धान की फसल को पानी की आवश्यकता थी तब बारिश नहीं हुई। किसी तरह सिंचाई आदि कर एक एकड़ फसल तैयार की। अब फसल लगभग पक कर तैयार थी तो बारिश से धराशायी हो गई। इससे उनकी पूरी मेहनत ही पानी में चली गई। कृषि विज्ञान केंद्र ठाकुरद्वारा के प्रभारी अधिकारी डॉ. रविंद्र कुमार ने भी बृजेश ने भी इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि जिले में अधिकांश किसानों की सैकड़ों हेक्टेयर धान की फसल या तो पक कर तैयार हो चुकी है या फिर पकने के कगार पर है। बारिश और हवा से गिरने के कारण धान की फसल को करीब 30 फीसदी नुकसान की संभावना है।
जिला उद्यान अधिकारी गया प्रसाद ने बताया कि जिले में करीब 4000 हेक्टेयर भूमि में आलू की खेती किसान करते हैं। इसके लिए अधिकांश किसान आलू की बुवाई की तैयारी कर रहे थे। खेत भी तैयार कर लिया था। अब तैयार खेत में बारिश का पानी भर गया है। किसानों को उसके सूखने का इंतजार करना होगा। इसके कारण उनकी बुवाई करीब 15 दिन पिछड़ सकती है। जिन किसानों ने कुछ दिन पहले ही आलू की बुवाई की है उसके देर से और कम जमाव की संभावना है।
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