गौ आधारित खेती करते हैं बुराड़ी के आरेन्द्र
यूपी कितना सक्षम हुआ है ये जानने के लिए अमर उजाला की टीम मुरादाबाद पहुंची। इस दौरान टीम ने जिले के बुराड़ी क्षेत्र में आरेंद्र से बातचीत की जो गौ आधारित खेती करते हैं। आरेन्द्र ने बातचीत के दौरान बताया कि वो हल्दी की खेती करते हैं, उन्होंने बताया कि वो एक एक्सपो में गए थे वहां पर गुजरात के एक किसान से हल्दी लेकर आए थे और पांच किलो बीज भी लेकर आए थे। उसको गाय के गोबर और जो भूस खराब हो गया था उसको मिक्स करके हमने अंदर कट्टों में भरा है और इसके अंदर इसका सीड तैयार करेंगे। क्वालिटी अगर अच्छी लगेगी उसको इनमें डेवलप करके फिर फील्ड में लेकर जाएंगे। आरेन्द्र ने गौ आधारित खेती के बारे में कहा कि गाय का गोबर चार-पांच दिन तक अगर छांव में रखा जाए तो खराब नहीं होता। उसके अंदर तमाम तरह के जीवाणु होते हैं जो हमारी खेती के लिए लाभप्रद हैं।
यहां पर सुनें पूरी बातचीत-
मिनाक्षी को मिला सरकारी योजना का लाभ
पीतल नगरी पहुंचने पर अमर उजाला की टीम ने युवा उद्यमी मिनाक्षी से बात की। टीम ने मिनाक्षी से पूछा कि किस तरह से राज्य सरकार का सहयोग मिला, कैसे उन्हें लोन मिला और किस तरह से राज्य सरकार युवा कलाकारों को सहायता प्रदान कर रही है। इस पर मिनाक्षी ने कहा कि उन्हें आर्ट में बचपन से दिलचस्पी है, लेकिन उन्होंने प्रोफेशनली 2020 से शुरुआत की। उनके सभी प्रोडक्ट उन्होंने खुद डिजाइन किए हैं।
मिनाक्षी ने बताया कि उन्होंने अपना काम अब इतना आगे बढ़ा लिया है कि वह दूसरों को भी काम देने लगी हैं और उन्हें स्टेट अवार्ड भी मिल चुका है। मिनाक्षी ने बताया कि उन्हें यूपी सरकार की तरफ से चल रही सीएम यूआई स्कीम के तहत लोन मिला था, जिससे उन्होंने अपना स्टार्टअप आगे बढ़ाया। मिनाक्षी ने बताया कि एक जिला उद्योग केंद्र है, जो उन्हें सपोर्ट करता है। वहां से सब्सिडी भी मिलती है। वहीं से उन्हें योजना के बारे में पता चला, जिसके बाद उन्होंने लोन के लिए प्रक्रिया पूरी की। युवा उद्यमी मिनाक्षी ने कहा कि अब सरकार भी ध्यान दे रही है कि भारतीय युवा आगे बढ़ें और नौकरी करने के बजाय खुद का स्टार्टअप शुरू करें और दूसरों को रोजगार दें।
यहां पर सुनें पूरी बातचीत-
डीआरडीओ की नौकरी छोड़ वर्मी कंपोस्ट का किया कारोबार
बातचीत की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए अमर उजाला की टीम ने डीआरडीओ की नौकरी छोड़कर वर्मी कंपोस्ट का कारोबार करने वाले युवा शुभांकर सिंह से बातचीत की। टीम ने उनके कारोबार और सरकार की तरफ से उन्हें मिले लाभ समेत तमाम मुद्दों पर चर्चा की। बातचीत के दौरान शुभांकर सिंह ने बताया कि उनका अपना वर्मी कंपोस्ट यूनिट है, जिसका मुख्य सेंटर मुरादाबाद में लोधीपुर रेलवे स्टेशन के पास है। वर्मी कंपोस्ट को हिंदी में जैविक खाद की श्रेणी में रखा जाता है, जो केंचुओं द्वारा बनाया जाता है।
शुभांकर ने बताया कि वह गौशाला से गोबर लेते हैं और इसे ढकने के लिए केले के पत्तों का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने बताया कि केले के पत्ते सभी के लिए वेस्ट होते हैं और इनका कहीं भी कोई काम नहीं आता। लेकिन जब वह इन पत्तों से खाद को ढकते हैं तो खाद की क्वालिटी बहुत अच्छी आती है। शुभांकर ने बताया कि उन्हें पीएमईजीपी स्कीम के तहत सरकार की तरफ से एक लाख रुपये का लोन मिला और इसमें 15 प्रतिशत सब्सिडी भी मिली है। लगभग 150 से 200 किसान उनसे जुड़े हुए हैं, जो ऑर्गेनिक प्रोडक्ट उगाते हैं और खुद भी उन्हें बेचते हैं।
यहां पर सुनें पूरी बातचीत-