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मुरादाबादः दुष्कर्म पीड़ित युवती के बयान का वीडियो पुलिस ने कर दिया वायरल

Sun, 27 Sep 2020 11:06 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
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उत्तर प्रदेश पुलिस (सांकेतिक) - फोटो : सोशल मीडिया
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सामूहिक दुष्कर्म पीड़ित युवती के पुलिस द्वारा लिए गए बयान के वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। यह वीडियो पाकबड़ा थाने में केस की विवेचक इंस्पेक्टर और एक महिला कांस्टेबल ने खुद बनाया था। घूम फिर कर वीडियो पीड़ित के मोबाइल पर पहुंचा तो उसके होश उड़ गए। 

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उसने इस मामले की शिकायत पुलिस अफसरों और उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य से लिखित में की है, लेकिन अभी तक वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ कोई
कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित ने पाकबड़ा पुलिस पर आरोपियों के साथ मिल कर वीडियो वायरल करने का आरोप लगाया है।

गलशहीद क्षेत्र में रहने वाली युवती ने पाकबड़ा थाने में पंद्रह अगस्त को मंगूपुरा निवासी बिल्डर मोहम्मद उमर और उसके बेटे मोहम्मद आलम, और आजम के खिलाफ पाकबड़ा थाने में केस दर्ज कराया था। जिसमें युवती ने आरोप लगाया कि आरोपी मोहम्मद आलम ने उसके साथ दुष्कर्म किया। जबकि उसके पिता और भाई पर धमकाने का आरोप लगाया था। पुलिस इस मामले में एक आरोपी मोहम्मद आलम को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। बाकी आरोपी फरार हैं। 

पीड़ित युवती ने अब एसएसपी प्रभाकर चौधरी और उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य को प्रार्थना पत्र देकर पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 161 तहत उसके बयान दर्ज किए थे।  पाकबड़ा थाना प्रभारी रजनी द्विवेदी ने एक महिला कांस्टेबल के साथ बयान लिए थे और उसका वीडियो भी बनाया था। लेकिन हद यह हो गई कि यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। 
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पीड़ित ने बताया कि उसने इस मामले की शिकायत अफसरों की है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़ित युवती का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने ही आरोपियों के साथ  लकर यह वीडियो वायरल किया है। पीड़ित ने बताया कि बाकी आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस उन्हें भी गिरफ्तार नहीं कर रही है। पीड़ित ने 161 के बयानों में मोहम्मद आलम के साथियों पर भी दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है।

मैं इस केस की विवेचना कर रही हूं। पीड़ित युवती के बयान एक महिला कांस्टेबल ने लिए थे। युवती ने पहले तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। बाद में 161 के बयान में अन्य लोगों के नाम भी बताए हैं। केस की विवेचना चल रही है। हमारे यहां से वीडियो बयान की सीडी बनाकर कोर्ट भेज दी गई थी। वीडियो बयान कैसे वायरल हुआ पता नहीं। इस मामले की मैं जांच कर रही हूं।
-रजनी द्विवेदी, केस की विवेचक व पाकबड़ा थाना प्रभारी

पीड़ित युवती का वीडियो बयान को सील कर केस डायरी के साथ समिट किया जाता है। ये वीडियो कैसे वायरल हुआ। इसकी जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 
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-प्रभाकर चौधरी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक

पीड़ित का वीडियो बयान वायरल होना गंभीर अपराध है। अफसरों को इस मामले में जांच करानी चाहिए। आईटी एक्ट के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। 
-दयानंद शर्मा, अधिवक्ता

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