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Moradabad News: पीड़ितों ने समझदारी दिखाई, साइबर ठगों से रकम वापस आई

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मुरादाबाद। अगर आप साइबर ठगी के शिकार हुए हैं तो घबराने के बजाय तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं और साइबर थाने में संपर्क करें। जिले में साइबर ठगी के शिकार लोगों की समझदारी के कारण बीते एक साल सात महीने में 1.65 करोड़ रुपये उनके खातों में वापस आ गए, जबकि दो करोड़ 17 लाख रुपये बैंक खातों में होल्ड कराए जा चुके हैं, जिन्हें कोर्ट की मदद से पीड़ितों के खाते में वापस कराने की प्रक्रिया जारी है।
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बदलते दौर में ऑनलाइन लेनदेन और खरीदारी का चलन तेजी से बढ़ा है। कपड़े, जूते-चप्पल से लेकर सोने-चांदी के जेवर तक लोग ऑनलाइन खरीद रहे हैं। इसी का फायदा साइबर अपराधी भी उठा रहे हैं। मुरादाबाद में 2023 में करीब एक हजार लोग साइबर ठगी का शिकार हो गए और उन्होंने पांच करोड़ की रकम गंवा दी, जबकि इस साल सात माह में ही साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से छह करोड़ की ठगी कर चुके हैं।



साइबर ठगी के शिकार हुए कुछ लोगों ने तुरंत 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई। उनमें में से 50 प्रतिशत से ज्यादा लोगों की शत प्रतिशत रकम वापस हो चुकी है। 2023 में 82 लाख रुपये वापस कराए गए और 70 लाख रुपये होल्ड कराए गए। वहीं इस साल जुलाई के अंत तक 73 लाख रुपये वापस कराए जा चुके हैं, जबकि एक करोड़ 47 लाख रुपये ठगों के खातों में होल्ड कराए गए हैं।
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इंजीनियर के वापस कराए 11.50 लाख रुपये



मझोला के नया मुरादाबाद निवासी सोनू कुमार सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। सात जुलाई 2023 को उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने खुद को ट्रेडिंग कंपनी से बताते हुए निवेश कराने का झांसा देकर 11 लाख 50 हजार रुपये ठग लिए। इसके बाद ठग ने मोबाइल बंद कर लिया। पीड़ित ने इस मामले में तुरंत 1930 पर कॉल कर साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई और साइबर थाने में संपर्क किया। इंजीनियर की शत प्रतिशत रकम 10 दिन में वापस करा दी गई।







सेवानिवृत्त बिजली अधिकारी ने भी दिखाई सतर्कता



मझोला के बुद्धि विहार निवासी उर्मिला पांडेय बिजली विभाग से सेवानिवृत्त हैं। उनके मोबाइल पर साइबर ठग ने मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर कॉल की थी। आरोपी ने उर्मिला पांडेय को डराकर कहा कि उनके आधार का इस्तेमाल एक सिम खरीदने में किया गया है। इस सिम नंबर पर मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित मैसेज आ रहे हैं। इसके बाद ठग ने आठ लाख 49 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए थे। पीड़िता ने तुरंत इस मामले की जानकारी 1930 पर दी थी। साइबर थाने की पुलिस ने 4,02,907 रुपये वापस करा दिए।



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डर और लालच में रकम गंवा रहे लोग



साइबर अपराध थाने के प्रभारी मोहित चौधरी ने बताया कि साइबर अपराधी लोगों को डराकर और लालच देकर ठगी कर रहे हैं। अगर कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो गया है तो वह तुरंत 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराए। इसके अलावा साइबर थाने में संपर्क करे। 24 घंटे में शिकायत दर्ज होने पर रकम वापस कराने में ज्यादा मदद मिलती है।



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कोर्ट के आदेश पर वापस होती है रकम



अधिवक्ता अभिषेक शर्मा ने बताया कि साइबर थाने की पुलिस जिन खातों में रकम होल्ड करा देती है। उस रकम को कोर्ट के आदेश पर वापस कराया जाता है। पीड़ित को थाने में केस दर्ज कराने के साथ ही कोर्ट में प्रार्थनापत्र दाखिल करना होता है। इसके बाद कोर्ट सभी पहलुओं को देखते हुए बैंक अधिकारियों को रकम वापस कराने का आदेश देती है। इसके बाद रकम वापसी की प्रक्रिया शुरू होती है।
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