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प्रति कुलपति के बाद कुलपति की बर्खास्तगी भी तय

Wed, 13 Dec 2017 12:56 AM IST
मुरादाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
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छात्र - फोटो : Amar Ujala
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आईएफटीएम में बवाल के बाद कुलपति डा. आरएम दुबे की बर्खास्तगी भी तय मानी जा रही है। उनके बेटे प्रति कुलपति डा. मोहित दुबे को सोमवार को ही बर्खास्त कर दिया गया था। मंगलवार को कुलाधिपति के आवास पर हुई एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक में कुलपति के खिलाफ निर्णय की भूमिका तैयार हो गई है।

प्रकरण की औपचारिक जांच के लिए एक पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को कमेटी की रिपोर्ट मिलने के बाद कुलपति की बर्खास्तगी का आदेश जारी हो जाएगा। इस बीच पुलिस ने आईएफटीएम बवाल में मौके से गिरफ्तार सभी सात लोगों को कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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सोमवार को आईएफटीएम विश्वविद्यालय में हुई भारी हिंसा के बाद कार्रवाई का सिलसिला जारी है। प्रति कुलपति की बर्खास्तगी के बाद मंगलवार को विश्वविद्यालय की एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने कुलपति की बर्खास्तगी पर भी अपनी सहमति दे दी है।

कुलपति के आवास पर सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे हुई आपात बैठक में काउंसिल के सदस्यों ने कुलपति के खिलाफ कार्रवाई पर सहमति दी है। सूत्रों का कहना है कि फैसला हो चुका है जिसका औपचारिक एलान बाकी है। कुलाधिपति राजीव कोठीवाल ने स्वीकार किया है कि कुलपति के खिलाफ कार्रवाई पर भी काउंसिल में विचार हुआ है।

उन्हाेेंने कहा कि एक पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। जो बुधवार को अपनी रिपोर्ट देगी। जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्हाेंने कहा कि विश्वविद्यालय में अच्छा शैक्षणिक वातावरण देने के लिए जो भी कदम जरूरी होंगे वह उठाए जाएंगे। सूत्रों का कहना है कि बुधवार को कुलपति की बर्खास्तगी का आदेश जारी हो सकता है।

इस बीच पाकबड़ा पुलिस ने बवाल के बाद मौके से गिरफ्तार सातों हमलावरों सतीश कुमार निवासी सिहाली थाना हसनपुर अमरोहा, रवींद्र कुमार राघव कथित मंडल मीडिया प्रभारी विश्व हिंदू महासंघ निवासी कांशीराम नगर, नरेंद्र कुमार निवासी लक्ष्मीनगर गजरौला, सतेंद्र कुमार निवासी नगला माफी, योगेंद्र सिंह निवासी नंगला माफी गजरौला, सुनील कुमार निवासी रामपुर गजरौला व रामरतन निवासी कांकाठेर गजरौला को कोर्ट में पेश किया। न्यायालय ने सभी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।

बर्खास्त प्रति कुलपति डा. मोहित दुबे मंगलवार को पूरा दिन विश्वविद्यालय परिसर में स्थित आवास में मौजूद रहे। वह पूरा दिन आवास से बाहर नहीं आए। विवि में सोमवार को हुई घटना के बाद से वह घर में ही हैं। बवाल में उनके साथ भी मारपीट हो गई थी। विवि के सुरक्षा कर्मियों व स्टाफ ने उन्हें किसी तरह सुरक्षित निकालकर उनके आवास तक पहुंचाया था।


बर्खास्त प्रति कुलपति डा. मोहित दुबे ने बताया कि उन्हें अपनी बर्खास्तगी का आदेश सोमवार रात को मिल गया था। मोहित ने बताया कि उन्हाेंने इसके जवाब में प्रबंधन से अपना पक्ष रखने का मौका मांगा है। बर्खास्त प्रति कुलपति का कहना है अभी तक जो कार्रवाई हुई है वह इकतरफा है। कार्रवाई करने से पहले उनका पक्ष नहीं सुना गया। वह चाहते हैं कि यदि कोई आंतरिक कमेटी जांच के लिए गठित की गई है तो वह कमेटी उनका भी पक्ष सुने। उन्हें मौका दिया जाए कि वह कमेटी के सामने प्रस्तुत होकर अपनी बात कह सकें।

बोले, मैं विश्वविद्यालय के सिस्टम के हिसाब से ही अपना पक्ष रखने का मौका मांग रहा हूं। बर्खास्तगी के खिलाफ किसी तरह की कानूनी कार्रवाई के मुद्दे पर उनका कहना था कि फिलहाल उनकी पहली प्राथमिकता प्रबंधन के सामने पक्ष रखकर ही मुद्दे को सुलझाने की है। उन्हें यकीन है कि इससे ही मसला सुलझ जाएगा। बाकी आगे के निर्णय वह बाद में करेंगे।
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आईएफटीएम विश्वविद्यालय में मिले हथियार किसके थे, इसकी जांच पुलिस ने शुरू कर दी है। इतना तो साफ है कि बवाल के बाद विवि परिसर में पड़ी मिली एक रायफल और चार बंदूक लाइसेंसी हैं। लेकिन पुलिस अभी तक यह पता नहीं लगा सकी है कि यह हथियार किसके हैं।
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