मुरादाबाद। शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए रिंग रोड का काम फरवरी तक पूरा होना था। इस काम में अलग-अलग कारणों के चलते देरी हुई लेकिन एनएचएआई के अभियंता का कहना है कि जुलाई तक आरओबी का बचा काम पूरा कर लिया जाएगा। अगस्त माह में टेस्टिंग के बाद रोड पर वाहन दौड़ने लगेंगे।
शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए 33.72 किमी परिधि में एनएचएआई रिंग रोड का निर्माण करा रहा है। इस का एक हिस्सा अमरोहा जिले के औरंगाबाद, सिरसा मोहन, पाकबड़ा के लोधीपुर राजपूत, पल्लूपुरा घोसी, धन्नूपुरा, चक गिरौड़ा, गुरेठा, उत्तमपुर बहलोलपुर, हरदासपुर स्थित यूनिवर्सिटी के नजदीक से होकर गुजरेगा।
रिंग रोड मुरादाबाद-ठाकुरद्वारा रोड को क्रॉस कर हाईवे से मिलेगी। यह रोड दलपतपुर में दिल्ली-लखनऊ हाईवे से जुड़ जाएगी। एनएचएआई के अभियंताओं का कहना है कि रिंग रोड पर 35 पुलियां, 14 अंडरपास का निर्माण हुआ है। रामगंगा नदी, गागन नदी, ढेला नदी पर तीन पुलों का निर्माण पूरा हो चुका है। किसानों की मांग पर तीन अंडरपास बनाए गए हैं।
रिंग रोड के चालू होने से श्री गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी आने-जाने वालों को राहत मिलेगी। पंजाब और दिल्ली की तरफ से आने वाले वाहन शहर के बाहरी इलाकों से होते हुए बिजनौर की तरफ चले जाएंगे। शहर के मार्गों पर भारी वाहनों का दबाव काफी कम हो जाएगा। वर्तमान समय में रामपुर रोड और कांठ रोड पर सीमा से दो गुना वाहनों का दबाव रहता है।
तीन आरओबी का 15 प्रतिशत कार्य बाकी
रिंग रोड पर तीन रेलवे ओवरब्रिज निर्माणाधीन हैं। इनमें हकीमपुर-लोदीपुर-बिसनपुर रेलवे लाइन के बीच, अगवानपुर-हरथला रेलवे लाइन के बीच, सेहल हाल्ट और गोट के बीच आरओबी का काम चल रहा है। एनएचएआई के अभियंता धर्मवीर शर्मा का कहना है कि 85 प्रतिशत कार्य पूरा हो गए हैं। अब गर्डर डालने का काम जुलाई में पूरा हो जाएगा। एनएचएआई के पीडी अरविंद कुमार ने रिंग रोड के कार्यों की समीक्षा की है। अभियंता धर्मवीर ने बताया कि रिंग रोड का निर्माण कार्य जुलाई तक पूरा होगा। अगस्त में टेस्टिंग के बाद वाहन संचालित किए जाएंगे।