मुरादाबाद। रामगंगा पुल पर शुक्रवार सुबह से बाइक, कार के साथ बसें फर्राटा भरने लगीं। इसी के साथ ही एक माह से परेशानी झेल रहे लोगों को बड़ी राहत मिली। स्थानीय लोगों ने कहा कि अब 10 किमी लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। पुलिस का कहना है कि सुरक्षा की दृष्टि से पुल से अभी ट्रक-टैंकर समेत भारी वाहन नहीं गुजरेंगे। इसके लिए पुलिस तैनात की गई है।
रामगंगा पुल 30 दिन बाद शुक्रवार की सुबह खोल दिया गया। पुलिस ने क्रेन से जब वजनी बोल्डरों को हटाना शुरू किया तो टेंपो चालक खुशी से झूम उठे। दोनों तरफ से बोल्डरों को हटाए जाने के बाद वाहनों का आवागमन शुरू हो गया। रोडवेज बसें भी अब सीधे काशीपुर तिराहा और बरेली की ओर जाने लगीं।
इस दौरान हनुमान मूर्ति तिराहा से कोहिनूर तिराहा मार्ग पर वाहनों का दबाव काफी कम हो गया। इसी प्रकार जामा मस्जिद पुल के मार्ग भी जाम लगभग समाप्त हो गया। यातायात निरीक्षक अनुराधा सिंघल ने बताया कि रामगंगा पुल खुलने के बाद आज कहीं जाम नहीं लगा। डायवर्जन के लिए जामा मस्जिद मार्ग पर भी फोर्स नहीं लगानी पड़ी लेकिन अभी ट्रकों को पुल से नहीं निकलने दिया जाएगा। इस पर बाद में निर्णय लिया जाएगा।
आम दिनों में रामगंगा पुल से प्रतिदिन 45 हजार वाहन गुजरते हैं। इन वाहनों का दबाव अन्य मार्गों पर होने के कारण शहर में जाम की स्थिति बन रही थी।