संभागीय निरीक्षक प्राविधिक हरिओम ने बताया कि वाहनों में तकनीकी काफी आगे बढ़ गई है। वह ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ मोटर व्हिकल डिपार्टमेंट टेक्निकल आफिसर्स एसोसिएशन के कार्यक्रम में भाग लेने कोलकाता गए थे। दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों के सामने मोबाइल रिमोट ऑटो एमिशन टेस्टिंग डिवाइस गाड़ी पेश की गई। बताया गया कि यह विशेष गाड़ी तेज स्पीड से चलते वाहनों को ट्रैक कर प्रदूषण जांच कर देती है। इस प्रकार की गाड़ी का प्रयोग कर पुलिस या परिवहन विभाग बैठे बैठे चालान कर सकता है। हरिओम ने बताया कि अभी इस वाहन को ट्रायल के तौर पर देखा जा रहा है। प्रदेश में अभी इस प्रकार की गाड़ी उपलब्ध नहीं है। यहां वाहनों का प्रदूषण जांचने के लिए एक सिस्टम लगाना पड़ता है। इस विशेष गाड़ी की कीमत एक करोड़ बतायी जा रही है। भविष्य में इसी प्रकार के वाहनों का प्रयोग प्रदूषण मापने में किया जा सकता है।