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Moradabad News: किराये की रायफल से वंशिका ने चांदी पर साधा निशाना

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मुरादाबाद।
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शहर की होनहार निशानेबाज वंशिका विश्नोई ने किराये की रायफल से रजत पदक पर निशाना साधा है। नई दिल्ली के करणी सिंह शूटिंग रेंज में प्री स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप का आयोजन हुआ। इसमें वंशिका ने 50 मीटर शूटिंग में पदक जीता है। हालांकि यह उनकी पहली उपलब्धि नहीं, लेकिन लगातार संघर्ष के बाद उन्हें यह सफलता मिली है।
कांठ के गांव खेमपुर गामड़ी निवासी राजीव विश्नोई की दो बेटियां अंशिका व वंशिका हैं। दोनों ने कक्षा सात में जब स्कूल से शूटिंग का अभ्यास शुरू किया तो पिता ने रोका। कहा कि महंगा खेल है और आगे बहुत कठिनाई होगी, लेकिन बड़े भाई ने दोनों बहनों का हौसला बढ़ाया। उनके कहने पर राजीव भी मान गए और बेटियों को आगे बढ़ाने कां संकल्प ले लिया। प्राइवेट नौकरी से सीमित संसाधनों में परिवार चलाने वाले राजीव विश्नोई आज तक बेटियों को महंगी रायफल नहीं दिला पाए। मंगलवार को भी नई दिल्ली में आयोजित प्रतियोगिता में उन्होंने डेढ़ घंटे के लिए चार हजार रुपये किराये पर वॉल्थर रायफल ली। तब वंशिका प्रतियोगिता में प्रदर्शन कर पाईं। वह 10 मीटर एयर रायफल की खिलाड़ी हैं, लेकिन पहले ही प्रयास में उन्होंने 50 मीटर शूटिंग में भी खुद को साबित कर दिया। उनकी उपलब्धि से पिता व पूरे परिवार को बहुत खुशी हुई है।
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सात साल पहले दोनों बहनों से शुरू किया था अभ्यास
सात साल पहले अंशिका व वंशिका विश्नोई शहर के मिशन स्कूल में पढ़ती थीं। उन्होंने स्कूल से ही शूटिंग प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना शुरू कर दिया था। मंडल स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक मिला तो फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। एक के बाद एक मंडल व प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीते। नेशनल टीम का ट्रायल भी दिया, लेकिन सफल नहीं हो पाई। अब काफी माह बाद वंशिका ने रजत पदक जीता है और छोटी बहन अंशिका जम्मू के एक कॉलेज में शूटिंग कोच के तौर पर तैनात हो गई हैं।
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नेताजी ने किया था वादा, अब तक नहीं मिली रायफल
अंशिका व वंशिका के पिता राजीव ने बताया कि डेढ़ साल पहले प्रदेश के एक विधायक ने बेटियों की प्रतिभा से प्रभावित होकर नई रायफल दिलाने का वादा किया था, लेकिन आज तक रायफल नहीं मिली। राजीव ने कहा कि चाहे कुछ भी करना पड़े, लेकिन वह बेटियों को रायफल की कमी के कारण प्रतियोगिता में भाग लेने से नहीं रोकेंगे। किराये की रायफल से ही सही, लेकिन बेटियों तो अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज खिलाड़ी बनाना है।
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