धनतेरस और दिवाली के लिए मुरादाबाद के कारखानों में बर्तनों का उत्पादन तेज हो गया है। इस बार पीतलनगरी से 650 करोड़ रुपये का बर्तन कारोबार होने का अनुमान है। करीब 550 कारोबारी दूसरे शहरों के बड़े दुकानदारों को थोक में बर्तन बेचने की तैयारी में हैं।
हस्तशिल्प उत्पादों के साथ-साथ बर्तनों के लिए भी पहचाने जाने वाले मुरादाबाद के कारखानों में इन दिनों मशीनों की रफ्तार तेज है। कारीगरों के हाथ भी रुक नहीं रहे हैं। सबके जुटने का उद्देश्य धनतेरस से लेकर दिवाली तक का बर्तन कारोबार है।
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इस बार पीतलनगरी से 650 करोड़ का कारोबार तय
इन त्योहारों पर देश के कई राज्यों के प्रमुख बाजारों में मुरादाबाद के बर्तनों की चमक नजर आएगी। अलग-अलग शहरों से मिले ऑर्डरों के आधार पर इस दिवाली पीतलनगरी से 650 करोड़ रुपये का बर्तन कारोबार तय माना जा रहा है।
550 बर्तन कारोबारी जुड़े हैं थोक बिक्री से
शहर में करूला, जयंतीपुर, बरबालान, पीतलनगरी, कटघर, जामा मस्जिद के आसपास 850 से अधिक कारखानों और उत्पादन इकाइयों में इन दिनों सिर्फ बर्तन ही तैयार किए जा रहे हैं। दूसरे शहरों के बड़े दुकानदारों को थोक में बर्तन बेचने मुरादाबाद के करीब 550 कारोबारी कारखानों से तैयार हुए माल को पैक कराने और ट्रांसपोर्टेशन की तैयारियों में जुटे हैं। यह कारोबारी बताते हैं कि धनतेरस और दिवाली पर बिक्री केलिए बर्तनों की थोक खरीद और सप्लाई सितंबर से ही शुरू हो जाती है।
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मुरादाबाद से बिहार और पंजाब तक होता है कारोबार
विभिन्न शहरों के कारोबारी इन दिनों सप्लाई लेकर इन्हें उन व्यापारियों और दुकानदारों तक पहुंचाते हैं, जहां आम लोग बर्तन खरीदते हैं। खरीद-फरोख्त की इस लंबी चेन और दूसरे राज्यों तक सप्लाई जाने में लगने वाले वक्त के कारण यह काम त्योहार से कुछ माह पहले ही रफ्तार पकड़ लेता है। बर्तनों के बड़े कारोबारियों ने बताया कि मुरादाबाद से बिहार, गुजरात, पंजाब, दिल्ली के लिए बर्तनों की खेप भेजी जा रही है। लखनऊ, कानपुर समेत यूपी के कई शहरों तक भी यहां से बर्तन जाते हैं।
दस नई डिजाइन इस बार खास
बर्तन कारोबारियों ने बताया कि ग्राहकों की बदलती जरूरतों और पसंद को ध्यान में रखकर इस बार के बर्तन बाजार में 10 नई डिजाइन देखने को मिलेंगी। इनमें स्टील की थाली में दूसरे रंग की आभा और डिजाइन प्रमुख है।